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Question
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
प्रजासुखे सुखं राज्ञ:।
Options
प्रजा सुखे च
प्रजानां सुखे
प्रजा: सुखं च
प्रजाया: सुखं च
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Solution
प्रजानां सुखे
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RELATED QUESTIONS
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| सुखदुःखे | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| त्रिलोके | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| परोषम् उपकार: | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| पञ्चानां वाटानां समाहारः | ______ | ______ |
समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | _________ | महान् वृक्षः |
| 2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
| 3. | _________ | महत् कम्पनम् |
| 4. | महाविनाशः | _________ |
| 5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
| 6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
| 7. | _________ | घन इव श्यामः |
| 8. | महोत्सवः | _________ |
| 9. | _________ | विशालः पर्वतः |
| 10. | महागौरी | _________ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रमग्नः | ______ | सप्तमी - तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| अनावश्यकम | ______ | नञ्-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतिदिनम् | दिनेदिने | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।

जलव्यवस्थापनम्।
षष्ठीतत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।

- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
- राज्ञः धर्मः।
- पुस्तकस्य पठनम्।
- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनमग्नः | ______ | सप्तमी-तत्पुरुषः। |
कृति: – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत।

- क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः।
- विशालौ बाहू यस्य सः।
- एकः दन्तः यस्य सः।
- लब्धा शिक्षा येन सः।
- ईश्वरे निष्ठा यस्य सः।
- भाले चन्द्रः यस्य सः।
- पद्मं हस्ते यस्याः सा।
- गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः।
- विमलम् अम्बु यस्मिन् तत्।
- महान् उदयः यस्य सः।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्तया आकुलः | पञ्चमी-तत्पुरुषः |
| प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया-तत्पुरुषः |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी-तत्पुरुषः |
| विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| क्षुद्र्बुद्धिः | ........ | बहुव्रीहिः। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | मातुः सेवा। | ........ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ......... | इतरेतरद्वन्द्वः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| सकोपम् | कोपेन सह | ......... |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
किं वनराजपदाय सुपात्रं चीयते?
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| असत्यम् | न सत्यम्। | ______। |
