Advertisements
Advertisements
Question
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| लाभः च अलाभः च | ______ | ______ |
Advertisements
Solution
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| लाभः च अलाभः च | लाभलाभौ | द्वंद्व |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| लौहघटिता | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| राम च लक्ष्मन् च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| न इष्टम् | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| त्रयाणाम् भुवानाम् समाहारः | ______ | ______ |
अधोलिखितसमस्तपदेभ्यः विग्रहाः, विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदानि | विग्रहः |
| 1. | ___________ | लम्बम् उदरं यस्य सः |
| 2. | पीताम्बरः | ___________ |
| 3. | ___________ | कृतः उपकारः येन सः |
| 4. | प्रत्युपन्नमतिः | ___________ |
| 5. | ___________ | गज इव आननं यस्य सः |
| 6. | चन्द्रमुखी | ___________ |
| 7. | ___________ | चक्रं पाणौ यस्य सः |
| 8. | चन्द्रमौलि: | ___________ |
| 9. | ___________ | बहूनि कमलानि यस्मिन् तत् |
| 10. | ___________ | जितानि इन्द्रियाणि येन सः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रमग्नः | ______ | सप्तमी - तत्पुरुषः |
समासविग्रहं कुरुत
शुकसारिकाः - ______
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत समाहारद्वन्द्वः
षष्ठी तत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।

- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
- राज्ञः धर्मः।
- पुस्तकस्य पठनम्।
- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
तालिकां पूरयत ।
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्ष | प्रजाहिते दक्षः | ______ |
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनमग्नः | ______ | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
कृति : – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत ।
१) क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः ।
२) विशालौ बाहू यस्य सः ।
३) एकः दन्तः यस्य सः ।
४) लब्धा शिक्षा येन सः ।
५) ईश्वरे निष्ठा यस्य सः ।
६) भाले चन्द्रः यस्य सः ।
७) पद्मं हस्ते यस्याः सा ।
८) गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः ।
९) विमलम् अम्बु यस्मिन् तत् ।
१०) महान् उदयः यस्य सः ।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्तया आकुलः | पञ्चमी -तत्पुरुषः |
| प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया ततयरुषः |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी -तत्पुरुषः |
| विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्मुरुष |
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी तत्पुरुषः |
| विद्यया विहीनः | चतुर्थी तत्पुरुषः |
| पूजाये इदम् | सप्तमी - तत्पुरुषः |
| परागस्य कणा : | तृतीया- तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | मातुः सेवा। | ........ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| सकोपम् | कोपेन सह | ......... |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रहः | समासनाम |
| किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
| जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
| लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
| कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
| अहनि अहनि। | बहुव्रीहिः। |
| मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
किं वनराजपदाय सुपात्रं चीयते?
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| प्रत्यहम् | अहनि अहनि। | ______। |
