Advertisements
Advertisements
Question
प्रदत्त-तालिकायां समस्तपदं विग्रहं वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | निर्मलम् |
______ |
| 2. | ____________ | एकम् एकम् इति |
| 3. | ____________ | दोषाणाम् अभाव: |
| 4. | सव्यवधानम् | ____________ |
| 5. | निरर्थकम् | ____________ |
| 6. | ____________ | चिन्तायाः अभाव: |
| 7. | स्नेहेन सहितम् | ____________ |
| 8. | ____________ | समयम् अनतिक्रम्य |
| 9. | ____________ | गङ्गायाः समीपम् |
| 10. | सहर्षम् | ___________ |
Advertisements
Solution
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | निर्मलम् |
मलस्य/मलानाम् अभावः |
| 2. |
प्रत्येकम् |
एकम् एकम् इति |
| 3. |
निर्दोषम् |
दोषाणाम् अभाव: |
| 4. | सव्यवधानम् |
व्यवधानेन सह |
| 5. | निरर्थकम् |
अर्थस्य अभावः |
| 6. |
निश्चितम् |
चिन्तायाः अभाव: |
| 7. | स्नेहेन सहितम् |
सस्नेहम् |
| 8. |
यथासमयम् |
समयम् अनतिक्रम्य |
| 9. |
उपगङ्गगम् |
गङ्गायाः समीपम् |
| 10. | सहर्षम् |
हर्षेण सह |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| खलसज्जनौ | ______ | _____ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| राम च लक्ष्मन् च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| धर्मः च अर्थः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| कामः च मोक्षः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| पञ्चानां वाटानां समाहारः | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| त्रयाणाम् भुवानाम् समाहारः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत

जलव्यवस्थापनम् - ______
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चरणाभ्यां विकलः | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मदान्धः | मदेन अन्धः | ______ |
कृति : – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत ।
१) क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः ।
२) विशालौ बाहू यस्य सः ।
३) एकः दन्तः यस्य सः ।
४) लब्धा शिक्षा येन सः ।
५) ईश्वरे निष्ठा यस्य सः ।
६) भाले चन्द्रः यस्य सः ।
७) पद्मं हस्ते यस्याः सा ।
८) गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः ।
९) विमलम् अम्बु यस्मिन् तत् ।
१०) महान् उदयः यस्य सः ।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्तया आकुलः | पञ्चमी -तत्पुरुषः |
| प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया ततयरुषः |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी -तत्पुरुषः |
| विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्मुरुष |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ......... | इतरेतरद्वन्द्वः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| सकोपम् | कोपेन सह | ......... |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रहः | समासनाम |
| किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
| जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
| लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
| कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
| अहनि अहनि। | बहुव्रीहिः। |
| मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| ______ | जलं ददाति इति। | उपपद-तत्पुरुष:। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| असत्यम् | न सत्यम्। | ______। |
