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पड़ोस के घर में जाकर नसीरुद्दीन पड़ोसी से मिले।तुम अपने पड़ोसी बच्चों के साथ बहुत-से खेल खेलते हो।पर क्या तुम उनके परिवार के बारे में जानते हो?

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Question

पड़ोस के घर में जाकर नसीरुद्दीन पड़ोसी से मिले।

तुम अपने पड़ोसी बच्चों के साथ बहुत-से खेल खेलते हो। पर क्या तुम उनके परिवार के बारे में जानते हो?

चलो, दोस्तों के बारे में और जानकारी इकट्ठी करते हैं। यदि तुम चाहो तो उनसे ये बातें पूछ सकते हो-

  • घर में कुल कितने लोग हैं?
  • उनके नाम क्या हैं?
  • उनकी आयु क्या है?
  • वे क्या काम करते हैं?

इस सूची में तुम अपने मन से बहुत-से सवाल जोड़ सकते हो।

One Line Answer
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Solution

विद्यार्थी स्वयं अपने पड़ोसी बच्चों और उनके परिवार वालों से ये प्रश्न पूछकर जानकारी इकट्ठी करो।

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दोस्त की पोशाक
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Chapter 5: दोस्त की पोशाक - दोस्त की पोशाक [Page 41]

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NCERT Hindi - Rimjhim Class 4
Chapter 5 दोस्त की पोशाक
दोस्त की पोशाक | Q 1. | Page 41

RELATED QUESTIONS

नसीरुद्दीन और जमाल साहब बनठन कर घूमने के लिए निकले।

तुम बनठन कर कहाँ-कहाँ जाते हो?


नसीरुद्दीन और जमाल साहब बनठन कर घूमने के लिए निकले।

तुम किस-किस तरह से बनते-ठनते हो?


तीसरे मकान से बाहर निकलकर जमाल साहब ने नसीरुद्दीन से क्या कहा होगा?


जमाल साहब अपने मामूली से कपड़ों में घूमने क्यों नहीं जाना चाहते होंगे?


नसीरुद्दीन अपनी अचकन के बारे में हमेशा क्यों बताते होंगे?


जब जमाल साहब और नसीरुद्दीन हुसैन साहब के घर से बाहर निकले तो उन्होंने अपनी बेगम को नसीरुद्दीन और जमाल साहब से मुलाकात का किस्सा सुनाया। उन दोनों के बीच में क्या बातचीत हुई होगी? लिखकर बताओ।

बेगम – कौन आया था?

हुसैन साहब – नसीरुद्दीन अपने दोस्त के साथ आया था।

बेगम – __________________


नसीरुद्दीन ने कहा, “चलो दोस्त, मोहल्ले में घूम आएँ।”

जब नसीरुद्दीन अपने दोस्त से मिले, वे उसे अपना मोहल्ला दिखाने ले गए।

जब तुम अपने दोस्तों से मिलते हो, तब क्या-क्या करते हो?


नीचे कुछ वाक्य लिखे हैं। तुम्हें इनका अभिनय करना है। तुम चाहो तो कहानी में देख सकते हो कि इन कामों का ज़िक्र कहाँ आया है।

  • बनठन कर घूमने के लिए निकलना।
  • घड़ों पानी पड़ना।
  • मुँह बनाकर शिकायत करना।
  • गर्मजोशी से स्वागत करना।
  • नाराज़ होना।
  • देखते ही रह जाना।

नसीरुद्दीन की बात सुनकर जमाल साहब पर तो मानो घड़ों पानी पड़ गया।

घड़ों पानी पड़ना एक मुहावरा है। इसका क्या मतलब हो सकता है? पता लगाओ। तुम इसका मतलब पता करने के लिए अपने साथियों या बड़ों से बातचीत कर सकते हो या शब्दकोश देख सकते हो।


घड़ों पानी पड़ना इस मुहावरों को सुनकर मन में एक चित्र सा बनता है। तुम भी किन्हीं दो मुहावरों के बारे में चित्र बनाओ। कुछ मुहावरे हम दे देते हैं। तुम चाहो तो इनमें से कोई पसंद कर सकते हो-

  • सिर मुंडाते ही ओले पड़ना
  • ऊँट के मुँह में जीरा
  • दीया तले अँधेरा
  • ईद का चाँद

झूठा – जूठा

इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।

नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।

घूम - झूम


झूठा – जूठा

इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।

नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।

फ़न - फन


झूठा – जूठा

इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।

नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।

सजा - सज़ा


झूठा – जूठा

इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।

नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।

खोल - खौल 


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