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Question
नसीरुद्दीन और जमाल साहब बनठन कर घूमने के लिए निकले।
तुम किस-किस तरह से बनते-ठनते हो?
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Solution
मैं नए कपड़े और जूते पहनकर बनता-ठनता हूँ।
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नसीरुद्दीन और जमाल साहब बनठन कर घूमने के लिए निकले।
तुम बनठन कर कहाँ-कहाँ जाते हो?
जमाल साहब अपने मामूली से कपड़ों में घूमने क्यों नहीं जाना चाहते होंगे?
नसीरुद्दीन अपनी अचकन के बारे में हमेशा क्यों बताते होंगे?
जब जमाल साहब और नसीरुद्दीन हुसैन साहब के घर से बाहर निकले तो उन्होंने अपनी बेगम को नसीरुद्दीन और जमाल साहब से मुलाकात का किस्सा सुनाया। उन दोनों के बीच में क्या बातचीत हुई होगी? लिखकर बताओ।
बेगम – कौन आया था?
हुसैन साहब – नसीरुद्दीन अपने दोस्त के साथ आया था।
बेगम – __________________
नसीरुद्दीन ने कहा, “चलो दोस्त, मोहल्ले में घूम आएँ।”
जब नसीरुद्दीन अपने दोस्त से मिले, वे उसे अपना मोहल्ला दिखाने ले गए।
जब तुम अपने दोस्तों से मिलते हो, तब क्या-क्या करते हो?
नीचे कुछ वाक्य लिखे हैं। तुम्हें इनका अभिनय करना है। तुम चाहो तो कहानी में देख सकते हो कि इन कामों का ज़िक्र कहाँ आया है।
- बनठन कर घूमने के लिए निकलना।
- घड़ों पानी पड़ना।
- मुँह बनाकर शिकायत करना।
- गर्मजोशी से स्वागत करना।
- नाराज़ होना।
- देखते ही रह जाना।
नसीरुद्दीन की बात सुनकर जमाल साहब पर तो मानो घड़ों पानी पड़ गया।
घड़ों पानी पड़ना एक मुहावरा है। इसका क्या मतलब हो सकता है? पता लगाओ। तुम इसका मतलब पता करने के लिए अपने साथियों या बड़ों से बातचीत कर सकते हो या शब्दकोश देख सकते हो।
घड़ों पानी पड़ना इस मुहावरों को सुनकर मन में एक चित्र सा बनता है। तुम भी किन्हीं दो मुहावरों के बारे में चित्र बनाओ। कुछ मुहावरे हम दे देते हैं। तुम चाहो तो इनमें से कोई पसंद कर सकते हो-
- सिर मुंडाते ही ओले पड़ना
- ऊँट के मुँह में जीरा
- दीया तले अँधेरा
- ईद का चाँद
नसीरुद्दीन एक भड़कीली अचकन निकालकर लाए।
भड़कीली शब्द बता रहा है कि अचकन कैसी थी। कहानी में से ऐसे ही और शब्द छाँटो जो किसी के बारे में कुछ बताते हों। उन्हें छाँटकर नीचे दी गई जगह में लिखो।
देखें, कौन सबसे ज़्यादा ऐसे शब्द ढूंढ़ पाता है।
| पुराना दोस्त | ____________ | ____________ |
| ____________ | ____________ | ____________ |
| ____________ | ____________ | ____________ |
भड़कीली, पुराना जैसे शब्द किसी के बारे में कुछ खास या विशेष बात बता रहे हैं। इसलिए इन्हें विशेषण कहते हैं।
पड़ोस के घर में जाकर नसीरुद्दीन पड़ोसी से मिले।
तुम अपने पड़ोसी बच्चों के साथ बहुत-से खेल खेलते हो। पर क्या तुम उनके परिवार के बारे में जानते हो?
चलो, दोस्तों के बारे में और जानकारी इकट्ठी करते हैं। यदि तुम चाहो तो उनसे ये बातें पूछ सकते हो-
- घर में कुल कितने लोग हैं?
- उनके नाम क्या हैं?
- उनकी आयु क्या है?
- वे क्या काम करते हैं?
इस सूची में तुम अपने मन से बहुत-से सवाल जोड़ सकते हो।
झूठा – जूठा
इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।
नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।
घड़ा - गढ़ा
झूठा – जूठा
इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।
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घूम - झूम
झूठा – जूठा
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नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।
फ़न - फन
झूठा – जूठा
इन शब्दों को बोलकर देखो। ये मिलती-जुलती आवाज़ वाले शब्द हैं। ज़रा से अंतर से भी शब्द का अर्थ बदल जाती है।
नीचे इसी तरह का कुछ शब्द का जोड़ा दिया गया हैं। इसका अर्थ अलग हैं। इस शब्द का वाक्य में प्रयोग करो।
खोल - खौल
