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‘पानी के असंगत व्यवहार के कारण चट्टाने फूटकर उसके टुकड़े होते हैं’ यह कथन स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology 1 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी १]

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Question

‘पानी के असंगत व्यवहार के कारण चट्टाने फूटकर उसके टुकड़े होते हैं’ यह कथन स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

शीत प्रधान क्षेत्रों में सर्दी के मौसम में वायुमंडल का तापमान कई बार 0°C से भी बहुत कम हो जाता है। सामान्यत: चट्टानों की दरारों में पानी संचित होता है। पानी के असंगत व्यवहार के कारण पानी का तापमान 4°C से कम होने पर पानी का प्रसरण होता है। कालांतर में उसके बर्फ बनने पर भी उसका आयतन अधिक हो जाता है। ऐसे समय चट्टानों की दरारों में पानी के कारण निर्मित दाब के कारण चट्टानें फूट जाती हैं, और उनके टुकड़े हो जाते हैं।

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पानी का असंगत व्यवहार
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Chapter 5: ऊष्मा - स्वाध्याय [Page 71]

APPEARS IN

Balbharati Vigyaan aur Prodyogiki 1 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 5 ऊष्मा
स्वाध्याय | Q 6. इ. | Page 71
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