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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

‘पानी के असंगत व्यवहार के कारण चट्टाने फूटकर उसके टुकड़े होते हैं’ यह कथन स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

‘पानी के असंगत व्यवहार के कारण चट्टाने फूटकर उसके टुकड़े होते हैं’ यह कथन स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

शीत प्रधान क्षेत्रों में सर्दी के मौसम में वायुमंडल का तापमान कई बार 0°C से भी बहुत कम हो जाता है। सामान्यत: चट्टानों की दरारों में पानी संचित होता है। पानी के असंगत व्यवहार के कारण पानी का तापमान 4°C से कम होने पर पानी का प्रसरण होता है। कालांतर में उसके बर्फ बनने पर भी उसका आयतन अधिक हो जाता है। ऐसे समय चट्टानों की दरारों में पानी के कारण निर्मित दाब के कारण चट्टानें फूट जाती हैं, और उनके टुकड़े हो जाते हैं।

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पानी का असंगत व्यवहार
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: ऊष्मा - स्वाध्याय [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 1 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 5 ऊष्मा
स्वाध्याय | Q 6. इ. | पृष्ठ ७१
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