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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। (a) (b) (c)

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Question

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

Options

  • (a) < (b) < (c)

  • (c) < (b) < (a)

  • (a) < (c) < (b)

  • (c) < (a) < (b)

MCQ
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Solution

(a) < (c) < (b)

स्पष्टीकरण:

ऑर्थो तथा पैरा स्थिति पर इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह (−NO2) की उपस्थिति नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया की सुविधा प्रदान करती है। मैटा स्थिति पर इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह की उपस्थिति का प्रभाव बहुत कम होता है।

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रासायनिक अभिक्रियाएँ
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Chapter 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [Page 148]

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NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q I. 26. | Page 148

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निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना नीचे दिए अणु (A) का प्रतिबिंब रूप है?


क्लोरोबेन्जीन को AlCl3 की उपस्थिति में क्लोरीन की बेन्जीन से अभिक्रिया द्वारा बनाया जा सकता है। इस अभिक्रिया में निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ बेन्जीन बलय पर आक्रमण करती है?


वे अणु जिनके प्रतिबिंब उन पर अध्यासित नहीं हो सकते काइरल कहलाते हैं। निम्नलिखित अणुओं में से कौन-सा अणु काइरल है?


नीचे दिए गए अणु में कौन-से कार्बन परमाणु असममित हैं?

\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]


निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन उपरोक्त अभिक्रिया के लिए सही हैं?

(i) अभिक्रिया SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।

(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।

(iii) (b) और (d) का विन्यास समान है।

(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।


अभिक्रिया माध्यमिक के लिए निम्नलिखित में से कोन-से कथन सही हैं?

(i) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन पाँच परमाणुओं से जुड़ा है।

(ii) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

(iii) माध्यमिक (c) स्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

(iv) माध्यमिक (c) अभिक्रियक (b) से कम स्थायी है।


निम्नलिखित में से कौन-से यौगिक सेकेन्डी ब्रोमाइड हैं?

(i) (CH3)2CHBr

(ii) (CH3)3C CH2Br

(iii) CH3CH(Br)CH2CH3

(iv) (CH3)2CBrCH2CH3


हैलोऐरीन, हैलोऐल्केन और हैलोऐल्कीन से कम क्रियाशील होती हैं। समीक्षा कीजिए।


C4H9Br अणुसूत्र के यौगिक ‘क’ को KOH के जलीय विलयन से अभिकृत किया गया। इस अभिक्रिया की दर केवल यौगिक 'क' की सांद्रता पर निर्भर करती है। जब इस यौगिक के दूसरे ध्रुवण घूर्णक समावयव ‘ख’ को KOH के जलीय विलयन से अभिकत किया गया तो अभिक्रिया दर यौगिक और KOH दोनों की सांद्रता पर निर्भय पाई गई।

  1. दोनों यौगिकों ‘क’ और ‘ख’ संरचना सूत्र लिखिए।
  2. इन दोनों यौगिकों में से कौन-सा प्रतीपित विन्यास के उत्पाद में परिवर्तित होगा।

निम्नलिखित यौगिकों में से किसकी SN1 अभिक्रिया द्रुतगामी होगी और क्यों?

(क) (ख)

ग्रीन्यार अभिकर्मक के उपयोग में लेशमात्र नमी भी न होना क्यों आवश्यक है?


ऐरिल हैलाइड नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति अत्यंत कम क्रियाशील होते हैं। निम्नलिखित यौगिकों की नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता का क्रम लिखिए और विवेचना कीजिए।

(I) (II) (III)

tert-ब्यूटिलब्रोमाइड जलीय NaOH के साथ SN1 क्रियाविधि से अभिक्रिया करता है, जबकि n-ब्यूटिलब्रोमाइड SN2 क्रियाविधि द्वारा अभिक्रिया करता है। क्यों?


हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) SN1 अभिक्रिया (a) विस-डाइब्रोमाइड
(ii) अग्निशामक में रसायन (b) जेम-डाइहैलाइड
(iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन (c) रेसिमीकरण
(iv) ऐल्किलिडीन हैलाइड (d) सेत्जेफ नियम
(v) ऐल्किल हैलाइड से HX का निकलना (e) क्लोरोब्रोमोकार्बन

अभिकथन - मोनोहैलोएरीनों में अगला इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर होता है।

तर्क - हैलोजन परमाणु वलय को निष्क्रिय करता है।


अभिकथन - ​(−)−2-ब्रोमोऑक्टेन का जलअपघटन विन्यास के प्रतिलोमन के साथ बढ़ता है।

तर्क - यह अभिक्रिया कार्बधनायन बनने (कार्बोकैटायन) के द्वारा अग्रगामी होती है।


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