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निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:

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Question

निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:

Options

  • प्राकृतिक सौंदर्यता सबका मन मोहती है।

  • कैदी को मुत्युवण्ड दिया गया।

  • हमें बड़ों की आज्ञा माननी चाहिए।

  • हम देशभक्तों को शत-शत नमन करते हैं।

MCQ
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Solution

प्राकृतिक सौंदर्यता सबका मन मोहती है।

shaalaa.com
व्याकरण
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2023-2024 (March) Official

RELATED QUESTIONS

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

नाखून


वाक्‍य शुद्ध करके लिखो :

बड़े दुखी लग रहे हो क्‍या हुआ


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

गर्मियों में सारी धरती शुष्क हो जाती है।


निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:

सब कुछ इतना सुंदर सजीव और मनोहर था।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

कश्मीर में कई दर्शनीय स्थल देखने योग्य है।


सहायक क्रिया का वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

होना


उचित विराम चिह्न लगाओ:

                                    घर
किसी दिन हम भी आपके आएँगे।


निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

______ - फूल

बाजार से बहुत सारे ______ खरीदकर लाए।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

सर्वेश ने परिश्रम किया और इस परिश्रम ने उसे सफल बना दिया।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

प्रगति पत्र पर माता जी अथवा पिता जी के हस्ताक्षर लेकर आओ।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

अरे! हम कहॉं आ गए ?


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

माला घर नहीं जाएगी।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

कश्मीर का सौंदर्य देखकर तुम्हें आश्चर्य होगा।


किन्हीं पॉंच मुहावरों/कहावतों के सांकेतिक चित्र बनाओ: 

जैसे - 

 = घर की मुर्गी दाल बराबर।

= नौ दो ग्यारह होना।


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।


निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्‍द पर्यायवाची शब्‍द
  रत्नाकर      

शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह   शब्द विलोम
अति + अधिक   × न्यूनतम

शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
सम् + मान   ×

पाठ्यपुस्‍तक की दूसरी इकाई के १ से ६ के पाठों से भेदों सहित विशेषणों को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


प्रत्यययुक्त शब्‍द लिखिए।


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्यालय द्वारा शिक्षक को सम्‍मानपत्र देकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है। इस सम्‍मानपत्र से अव्यय ढूँढ़कर उनसे अन्य वाक्‍य बनाइए:-

सम्‍मानपत्र

श्री/श्रीमती. ______
विद्यालय का नाम:______
पता:- ______
सम्‍माननीय,

आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन ‘शिक्षक दिवस’ पर आयोजित अभिनंदन समारोह में हम आपको अपने बीच पाकर हर्षित व गौरवान्वित हैं।

आपके मार्गदर्शन में प्राप्त उपलब्धियों पर संपूर्ण विद्यालय, परिवेश व समाज को गर्व है। आपने न केवल विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण योग्यता को उभारा वरन प्रेणाप्रद सफलता भी दिलवाई। आपके इस कार्य तथा आपके अन्य अति विशिष्ट कार्यों के लिए विद्यालय आप का अभिनंदन करते हुए गर्व का अनुभव करता। आपके सहयोग से विद्यालय का विकास अक्षुण्ण होता रहा है।

हे! गुरुवर्य, आप सदैव स्वस्थ-संपन्न रहें एवं दीर्घायु हों, ऐसी हम सबकी आत्मिक कामना है। अनंत हार्दिक शुभकामनाओं सहित ...

दिनांक:- ५ सितंबर २०१७

शिक्षक दिवस
स्थान:- विद्यालय सभागार
समय:- प्रातः १०ः३० बजे

विद्यालय प्रमुख
क, ख, ग

निर्देशानुसार अव्यय परिवर्तित करके लिखिए:-

क्र.  अव्यय भेद  अव्यय शब्‍द  अन्य वाक्‍य
1. क्रिया विशेषण    
2. संबंध बोध    
3. समुच्चय बोधक    
4. विस्‍मयादि बोधक वाचक    

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

गर्मी के कारण बेचैनी हो रही है।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

लेखकों ______ वक्‍ताओं की न जाने क्‍या दुर्दशा होती।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

टोपी पहनना


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
,    


निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।


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