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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए: नाक - की - किरकिरी - होना - ______ - ______ - ______ - ______

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Question

निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

नाक - की - किरकिरी - होना - ______ - ______ - ______ - ______

One Line Answer
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Solution

नाक - की - किरकिरी - होना - आँख की किरकिरी होना।

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व्याकरण
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Chapter 2.06: निसर्ग वैभव (पूरक पठन) - भाषा बिंदु [Page 63]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.06 निसर्ग वैभव (पूरक पठन)
भाषा बिंदु | Q ४. | Page 63

RELATED QUESTIONS

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो

दही


अर्थ के अनुसार वाक्‍यों के प्रकार ढूँढ़कर लिखो।


पाठों में आए अलग-अलग काल के वाक्‍य ढूँढ़कर उनका अन्य कालों में परिवर्तन करो।


निम्‍नलिखित शब्द का समानार्थी शब्‍द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :

मनुष्‍य


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

प्रचार


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

भूख


निम्‍न वाक्‍यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए अन्य वाक्‍य बनाइए:



निम्‍न में से संज्ञा तथा विशेषण पहचानकर भेदों सहित लिखिए तथा अन्य पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए वाक्‍य बनाइए :


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


निम्नलिखित शब्दों के लिंग और वचन बदलकर लिखो।

स्त्रीलिंग पुल्लिंग
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
भैंस भैंसें भैंसा भैंसे
______ ______ बिलाव ______
घोड़ी ______ ______ ______
______ ______ ______ नाग
______ चुहियाँ ______ ______

निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

भक्तिकाल में दो धाराएँ थीं सगुण धारा, निर्गुण धारा


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  हर्ष      

अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

वहाँ कोई लगभग एक दर्जन सेब रहे होंगे।


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह  शब्द  विलोम
+ दुर्लभ ×

निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

हमें स्‍कूली शिक्षा में संगीत सबसे पहले सिखाई जाती है।


पाठ (ताई) में प्रयुक्‍त अव्ययों को ढूँढ़कर उनका भेदानुसार वर्गीकरण कीजिए। उनमें से किन्हीं चार का सार्थक वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ वाक् + जाल  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दु: + प्रकृति  

उपसर्गयुक्त शब्‍द लिखिए।


डायरी अंश पढ़िए और वाक्‍य के प्रकार ढूँढ़िए:

१० मई २०१७ (बुधवार)
आज कक्षा में सूचना आई कि इन गर्मियों में हमारे स्कूल की ओर से एक दल शिमला भ्रमण को भेजने की योजना बनी है। मैंने भी अपना नाम उसके लिए दिया। मैं इस यात्रा के लिए उत्सुक हूँ।

२० मई २०१७ (शनिवार)
तीस विद्यार्थियों का दल पी. टी. आई. श्री जयचंद वर्मा जी के साथ रवाना हुआ। रात्रि के साढ़े दस बजे हम दिल्‍ली रेलवे स्टेशन पहुँच गए। गाड़ी ग्यारह बजे चलनी थी। हमने अपने पूर्व निर्धारित स्थान ले लिए। भयंकर गर्मी पड़ रही थी। ग्यारह बजे गाड़ी चल पड़ी। हम अपने-अपने स्थान पर सो गए।

२१ मई २०१७ (रविवार)
प्रातः साढ़े छह बजे गाड़ी कालका स्टेशन पर रुकी। यहाँ से हमें गाड़ी बदलनी थी। शिमला के लिए छह डिब्बों की खिलौने जैसी गाड़ी प्लेटफार्म पर लगी हुई थी। खिलौना गाड़ी के डिब्बे छोटे-छोटे थे और रेलवे लाईन 'नैरो गैज' थी। गाड़ी ठीक साढ़े सात बजे चल पड़ी। गाड़ी की गति पर्याप्त धीमी थी और वह पर्वत की पीठ पर मानो रेंगते हुए चढ़ रही थी। दूर तक घाटियों में फैली हरियाली दिखाई पड़ती थी। करीब साढ़े दस बजे गाड़ी लंबी सुरंग द्वारा बहुत सुंदर फूलों से सजे छोटे-से स्टेशन बड़ौग पर पहुँची जिसे देख राकेश बोला- 'ओह! कितनी लंबी सुरंग?"

२२ मई २०१७ (सोमवार)
दूसरे दिन हम हिमाचल पर्यटन विभाग की बसों में बैठकर कुफरी, वाइल्ड फ्लॉवर हॉल, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए।

२३ मई २०१७ (मंगलवार)
तीसरे दिन हम जाखू पर्वत पर पिकनिक के लिए गए। शिमला शहर के मध्य रिज से लगभग पंद्रह सौ फुट की ऊँचाई पर स्थित यह चोटी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है।

२४ मई २०१७
चौथे दिन प्रातः (बुधवार) सात बजे हम वापस चल पड़े। सचमुच ही शिमला पहाड़ों की रानी है।

उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :- 

क्र. निर्देश-१ वाक्य नि्देश-२
१. सयुंक्त वाक्य बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। मिश्र वाक्य
२. सरल वाक्य   सयुंक्त वाक्य
३. मिश्र वाक्य   सरल वाक्य 
४. विधानार्थक   निषेधार्थक
५. प्रश्नार्थक   संकेतार्थक
६. विस्मयार्थक   इच्छार्थक
७. आज्ञार्थक   संदेहार्थक

इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्यालय द्वारा शिक्षक को सम्‍मानपत्र देकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है। इस सम्‍मानपत्र से अव्यय ढूँढ़कर उनसे अन्य वाक्‍य बनाइए:-

सम्‍मानपत्र

श्री/श्रीमती. ______
विद्यालय का नाम:______
पता:- ______
सम्‍माननीय,

आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन ‘शिक्षक दिवस’ पर आयोजित अभिनंदन समारोह में हम आपको अपने बीच पाकर हर्षित व गौरवान्वित हैं।

आपके मार्गदर्शन में प्राप्त उपलब्धियों पर संपूर्ण विद्यालय, परिवेश व समाज को गर्व है। आपने न केवल विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण योग्यता को उभारा वरन प्रेणाप्रद सफलता भी दिलवाई। आपके इस कार्य तथा आपके अन्य अति विशिष्ट कार्यों के लिए विद्यालय आप का अभिनंदन करते हुए गर्व का अनुभव करता। आपके सहयोग से विद्यालय का विकास अक्षुण्ण होता रहा है।

हे! गुरुवर्य, आप सदैव स्वस्थ-संपन्न रहें एवं दीर्घायु हों, ऐसी हम सबकी आत्मिक कामना है। अनंत हार्दिक शुभकामनाओं सहित ...

दिनांक:- ५ सितंबर २०१७

शिक्षक दिवस
स्थान:- विद्यालय सभागार
समय:- प्रातः १०ः३० बजे

विद्यालय प्रमुख
क, ख, ग

निर्देशानुसार अव्यय परिवर्तित करके लिखिए:-

क्र.  अव्यय भेद  अव्यय शब्‍द  अन्य वाक्‍य
1. क्रिया विशेषण    
2. संबंध बोध    
3. समुच्चय बोधक    
4. विस्‍मयादि बोधक वाचक    

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

मन बड़ा दुस्साहसी था ।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

मैं ______ बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

गीत न जाने आँगन टेढ़ा


अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए :


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
( )    

निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।


निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।


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