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Question
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर ‘पेड़ होने का अर्थ’ कविता का रसास्वादन कीजिए:
- रचनाकार का नाम (१)
- पसंद की पंक्तियाँ (१)
- पसंद आने के कारण (२)
- कविता की केंद्रीय कल्पना (२)
Very Long Answer
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Solution
- रचनाकार का नाम - डाॅ. मुकेश गौतम
- पसंद की पंक्तियाँ - इस कविता की पसंद की पंक्तियाँ इस प्रकार है-
जी हाँ, सच तो यह है कि पेड़ संत है, दधीचि है। - पसंद आने के कारण - उपर्युक्त पंक्तियों में कवि ने स्पष्ट किया है कि, पेड़ संत के समान है, सदैव परोपकार की भावना रखते हैं। पेड़ दधीचि है। जिस प्रकार दधीचि ने देवताओं की रक्षा के लिए बज़ास्त्र हेतु जीते-जी अपनी अस्थियाँ भी दान कर दी। उसीं प्रकार पेड़ निःस्वार्थ होकर जीवन भर हमें प्राणवायु देते हैं।
- कविता की केंद्रीय कल्पना - सब कुछ दूसरों को देकर जीवन की सार्थकता सिद्ध करना। पेड़ मनुष्य का बहुत बड़ा शिक्षक हैं। पेड़ मनुष्य का हौसला बढ़ाता है। वह उसे समाज के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाह करना सिखाता है। पेड़ ने भारतीय संस्कृति की जीवित रखा है और उसने मानव को संस्कारशील बनाया है।
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रसास्वादन
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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर चतुष्पादियों का रसास्वादन कीजिए :
- रचनाकार का नाम - ____________
- पसंद की पंक्तियाँ - ____________
- पसंद आने के कारण - ____________
- कविता का केंद्रीय भाव - ____________
‘आँसुओं को पोंछकर अपनी क्षमता ओं को पहचानना ही जीवन है’, इस सच्चाई को समझाते हुए कविता का रसास्वादन कीजिए ।
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