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Question
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे।
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Solution
तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे। – प्रस्तुत पंक्ति का आशय है कि जब कवि प्रेयसी के साथ रहता था, तो उसे प्रेमिका के बाहों का हार अपने शरीर पर पहाड़ के समान लगता था। परन्तु वह कहता है कि आज की स्थिति भिन्न है और हम दोनों अलग-अलग हैं तथा हम दोनों के मध्य में पहाड़ के रूप में वियोग विद्यमान है। भाव यह है कि वियोग के कारण दोनों एक-दूसरे से बहुत दूर हो गए हैं।
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तब तौ छबि पीवत जीवत हे, ______ बिललात महा दुःख दोष भरे।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
ऐसो हियो हित पत्र पवित्र ______ टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ।
