Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।
Short/Brief Note
Advertisements
Solution
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।– प्रस्तुत पंक्ति का आशय है कि घनानंद ने अपने हृदय का दुख एक पत्र में लिखा था और सुजान के पास भेजा था। सुजान ने सब जानते हुए भी उस पत्र को बिना पढ़े ही टुकड़ों-टुकड़ों में फाड़ दिया। उसके इस तरह के व्यवहार ने कवि के हृदय को आहत किया। उसने एक बार भी उस पत्र को खोलकर नहीं देखा। कवि कहते हैं वह मेरी भावनाओं को समझती नहीं है।
shaalaa.com
सवैया
Is there an error in this question or solution?
