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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।

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प्रश्न

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।

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उत्तर

सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।– प्रस्तुत पंक्ति का आशय है कि घनानंद ने अपने हृदय का दुख एक पत्र में लिखा था और सुजान के पास भेजा था। सुजान ने सब जानते हुए भी उस पत्र को बिना पढ़े ही टुकड़ों-टुकड़ों में फाड़ दिया। उसके इस तरह के व्यवहार ने कवि के हृदय को आहत किया। उसने एक बार भी उस पत्र को खोलकर नहीं देखा। कवि कहते हैं वह मेरी भावनाओं को समझती नहीं है।

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सवैया
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अध्याय 1.09: घनानंद (कवित्त/सवैया) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६८]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
अध्याय 1.09 घनानंद (कवित्त/सवैया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. (घ) | पृष्ठ ६८
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