हिंदी

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए- तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे। – प्रस्तुत पंक्ति का आशय है कि जब कवि प्रेयसी के साथ रहता था, तो उसे प्रेमिका के बाहों का हार अपने शरीर पर पहाड़ के समान लगता था। परन्तु वह कहता है कि आज की स्थिति भिन्न है और हम दोनों अलग-अलग हैं तथा हम दोनों के मध्य में पहाड़ के रूप में वियोग विद्यमान है। भाव यह है कि वियोग के कारण दोनों एक-दूसरे से बहुत दूर हो गए हैं।

shaalaa.com
सवैया
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

कवि ने 'श्रीबज्रदूलह' किसके लिए प्रयुक्त किया है और उन्हें ससांर रूपी मंदिर दीपक क्यों कहा है?


पहले सवैये में से उन पंक्तियों को छाँटकर लिखिए जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है?


निम्नलिखित पंक्तियों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

पाँयनि नूपुर मंजु बजैं, कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई।

साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई


श्रीकृष्ण के शरीर पर कौन-कौन से आभूषण मधुर ध्वनि उत्पन्न कर रहे हैं?


श्री कृष्ण का शरीर कैसा है? उसका सौंदर्य किस कारण बढ़ गया है?


श्रीकृष्ण के मुख की तुलना किससे की गई है और क्यों?


श्रीकृष्ण की तुलना किससे की गई है और क्यों?


प्रथम सवैये के आधार पर बताइए कि प्राण पहले कैसे पल रहे थे और अब क्यों दुखी हैं?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, अब सोचन लोचन जात जरे।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, ______ बिललात महा दुःख दोष भरे।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
ऐसो हियो हित पत्र पवित्र ______ टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×