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Question
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
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Solution
भाव-इन पंक्तियों का भाव यह है कि हमारे वीर सैनिक देश रक्षा के लिए दिए गए अपने वचन का पालन अपने जीवन के अंतिम क्षण तक करते रहे युद्ध में घायल इन सैनिकों को अपने प्राणों की जरा भी परवाह नहीं की। उनकी साँसें भले ही रुकने लगीं तथा भयंकर सर्दी के कारण उनकी नब्ज़ चाहे जमती चली गई किंतु किसी भी परिस्थिति में उनके इरादे डगमगाए नहीं। भारत माँ की रक्षा के लिए उनके बढ़ते कदम न तो पीछे हटे और न ही रुके। वे अपनी अंतिम साँस तक शत्रुओं का मुकाबला करते रहे।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने 'साथियों' संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
इस गीत में कुछ विशिष्ट प्रयोग हुए हैं। गीत के संदर्भ में उनका आशय स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
कट गए सर, नब्ज़ जमती गई, जान देने की रुत, हाथ उठने लगे
ध्यान दीजिए संबोधन में बहुवचन ‘शब्द रूप’ पर अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता; जैसे- भाइयो, बहिनो, देवियो, सः जनो आदि।
‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।
अपने स्कूल के किसी समारोह पर यह गीत या अन्य कोई देशभक्तिपूर्ण गीत गाकर सुनाइए।
‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?
भारतीय सैनिकों को युद्ध में किन-किन मुसीबतों का सामना करना पड़ा?
अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है?
‘आज धरती बनी है दुलहन साथियो’ ऐसा सैनिकों को क्यों लग रहा है?
'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि ______।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
आपके द्वारा 'स्पर्श' पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्यों? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -
| साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुलहन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! |
- 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
(A) हिमालय को सजाना।
(B) हिमालय की हिफाज़त करना।
(C) भारत के गौरव को बनाए रखना।
(D) भारत का गुणगान करना। - कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
(A) कवियों
(B) शहीदों
(C) सैनिकों
(D) देशवासियों - 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
(A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
(B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
(C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
(D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा। - 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
(A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
(B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
(C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर।
(D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर। - इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
(A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
(B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
(C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
(D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -
|
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो |
- 'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' पंक्त के संदर्भ में सैनिक की विशेषता को दर्शाने वाला सही विकल्प है -
(a) दृढ़ता और कर्त्तव्य परायणता
(b) साहस और निडरता
(c) वीरता और निडरता
(d) उदारता और भावुकता - 'हिमालय' किसका प्रतीक है?
(a) पर्वतों के राजा का
(b) पर्वत शृंखला का
(c) युद्ध के स्थल का
(d) देश के मान का - 'कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं' में 'हमारे' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(a) देश की रक्षा हेतु कुर्बान होते सैनिकों के लिए
(b) देश की रक्षा हेतु घायल होते सैनिकों के लिए
(c) देश की सीमाओं पर पहरा देते सैनिकों के लिए
(d) देश के पर्वतीय हिस्सों में तैनात सैनिकों के लिए - निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए -
(क) सैनिक घायल अवस्था में भी अपने कर्तव्य का निर्वाह करने से पीछे नहीं हटते।
(ख) सैनिक युद्ध के लिए जाते समय अपने सभी उत्तरदायित्व किसी और को सौंप जाते हैं।
(ग) सैनिक देश और देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की बाज़ी लगा देते हैं।
(घ) सभी सैनिक मानसिक और शारीरिक रूप से मज़बूत होने के कारण ही अहंकारी होते हैं।
उपर्युक्त कथनों के लिए काव्यांश से मेल खाते हुए उचित विकल्प चुनकर लिखिए:
(a) (क) और (ख)
(b) (क) और (ग)
(c) (क), (ख) और (ग)
(d) (क), (ग) और (घ) - काव्यांश में देशवासियों से क्या अपेक्षा की गई है?
(a) देश के विकास की
(b) देश के विस्तार की
(c) देश की रक्षा की
(d) देश की संपन्नता की
