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आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आज़ादी बनाए रखना’। इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।

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Question

आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आज़ादी बनाए रखना’। इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

यह पूर्णतया सत्य है कि आजाद होना कठिन काम है। आज़ादी पाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता है, त्याग करना पड़ता है और हज़ारों को कुरबान होना पड़ता है। इतनी कठिनाई से प्राप्त आज़ादी को बनाए रखना भी आसान काम नहीं है। आजादी प्राप्ति के समय जो विभिन्न जाति, धर्म, संप्रदाय, भाषा क्षेत्र आदि के लोग अपनी इस संकीर्णता को छोडकर एकजुट होकर आजादी के लिए तन-मन-धन अर्थात् सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार थे और जिनके अथक प्रयासों से आज़ादी मिली वही बाद में जाति, धर्म, संप्रदाय, क्षेत्र, भाषा आदि के नाम पर अलगाववाद का समर्थन करते नजर आते हैं, जिससे हमारी एकता पर अनेकता में बदलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। ऐसी स्थिति का अनुचित लाभ उठाने के लिए कुछ शत्रु देश सक्रिय हो जाते हैं।

वे तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर हमें गुलाम बनाने की कुचेष्टा करते हैं। वे हमारी फूट का लाभ उठाते हैं। वे धन, छल-बल, कूटनीति का सहारा लेकर एकता को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। इसमें तनिक भी सफलता मिलते ही वे दंगे भड़काने का प्रयास करते हैं, भेदभाव को उकसाते हैं ताकि हम आपस में ही लड़-मरें। उन्हें तो इसी अवसर की प्रतीक्षा होती है। हमें भूलकर भी ऐसी स्थिति नहीं आने देनी चाहिए। यद्यपि कुछ लोग दिग्भ्रमित होकर गलत कदम उठा लेते हैं, परंतु हमें ऐसे लोगों को भी सही राह पर लाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए और अपनी आज़ादी को हर संभावित संकट से बचाना चाहिए। अतः पूर्णतया सत्य है कि आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आजादी बनाए रखना।

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कर चले हम फ़िदा
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Chapter 1.8: कर चले हम फ़िदा - परियोजना कार्य [Page 35]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 1.8 कर चले हम फ़िदा
परियोजना कार्य | Q 2. | Page 35

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −

इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो


ध्यान दीजिए संबोधन में बहुवचन ‘शब्द रूप’ पर अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता; जैसे- भाइयो, बहिनो, देवियो, सः जनो आदि।


कैफ़ी आज़मी उर्दू भाषा के एक प्रसिद्ध कवि और शायर थे। ये पहले गज़ल लिखते थे। बाद में फ़िल्मों में गीतकार और कहानीकार के रूप में लिखने लगे। निर्माता चेतन आनंद की फ़िल्म ‘हकीकत’ के लिए इन्होंने यह गीत लिखा था, जिसे बहुत प्रसिद्धि मिली। यदि संभव हो सके तो यह फ़िल्म देखिए।


‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।


कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।


सैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक निबंध लिखिए।


अपने स्कूल के किसी समारोह पर यह गीत या अन्य कोई देशभक्तिपूर्ण गीत गाकर सुनाइए।


‘कर चले हम फ़िदा जानो तन’ के माध्यम से सैनिक क्या कहना चाहते हैं?


सैनिकों ने हिमालय का सिर न झुकने देने के लिए क्या किया?


भारतीय सैनिकों को युद्ध में किन-किन मुसीबतों का सामना करना पड़ा?


अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है?


सैनिक अपनी जवानी को कब सार्थक मानता है?


‘कर चले हम फ़िदा’ कविता युवाओं में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है। स्पष्ट कीजिए।


कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण का प्रयोग किन संदर्भो में हुआ है, स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है’- ‘कर चले हम फिदा’ कविता से उद्धृत प्रस्तुत पंक्ति में ‘इस जश्न’ से कवि का क्या आशय है और उसे बाद में मनाने के पीछे क्या कारण हैं?


निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई,
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया,
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं,
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया,
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं,
आज धरती बनी है दुलहन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों !
  1. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
    (A) हिमालय को सजाना। 
    (B) हिमालय की हिफाज़त करना।
    (C) भारत के गौरव को बनाए रखना। 
    (D) भारत का गुणगान करना।
  2. कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
    (A) कवियों
    (B) शहीदों
    (C) सैनिकों
    (D) देशवासियों
  3. 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
    (A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
    (B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
    (C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
    (D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा।
  4. 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
    (A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
    (B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
    (C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर। 
    (D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर।
  5. इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
    (A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
    (B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
    (C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
    (D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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