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कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।

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Question

कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।

Activity
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Solution

निर्देश:

कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाएँ पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए।

सुझाव:

साथ ही उर्दू भाषा के अन्य प्रसिद्ध कवियों की रचनाएँ भी पढ़िए और उनके भाव तथा विषय को समझने का प्रयास कीजिए।

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कर चले हम फ़िदा
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Chapter 1.8: कर चले हम फ़िदा - योग्यता विस्तार [Page 35]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 1.8 कर चले हम फ़िदा
योग्यता विस्तार | Q 3. | Page 35

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
क्या इस गीत की कोई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया', इस पंक्ति में हिमालय किस बात का प्रतीक है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
गीत में ऐसी क्या खास बात होती है कि व जीवन भर याद रह जाते हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −

इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
खींच दो अपने खू से जमीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो


‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।


एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा कैफ़ी आज़मी पर बनाई गई फ़िल्म देखने का प्रयास कीजिए।


सैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक निबंध लिखिए।


सैनिकों ने हिमालय का सिर न झुकने देने के लिए क्या किया?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

आपके द्वारा 'स्पर्श' पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्‍यों? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई,
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया,
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं,
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया,
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं,
आज धरती बनी है दुलहन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों !
  1. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
    (A) हिमालय को सजाना। 
    (B) हिमालय की हिफाज़त करना।
    (C) भारत के गौरव को बनाए रखना। 
    (D) भारत का गुणगान करना।
  2. कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
    (A) कवियों
    (B) शहीदों
    (C) सैनिकों
    (D) देशवासियों
  3. 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
    (A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
    (B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
    (C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
    (D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा।
  4. 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
    (A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
    (B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
    (C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर। 
    (D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर।
  5. इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
    (A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
    (B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
    (C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
    (D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'कर चले हम फ़िदा' गीत में कवि देशवासियों से क्या अपेक्षाएँ रखता है? हम उसकी अपेक्षाओं पर किस रूप में खरा उतर रहे हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया

मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

  1. 'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' पंक्त के संदर्भ में सैनिक की विशेषता को दर्शाने वाला सही विकल्प है -
    (a) दृढ़ता और कर्त्तव्य परायणता
    (b) साहस और निडरता
    (c) वीरता और निडरता
    (d) उदारता और भावुकता
  2. 'हिमालय' किसका प्रतीक है?
    (a) पर्वतों के राजा का
    (b) पर्वत शृंखला का
    (c) युद्ध के स्थल का
    (d) देश के मान का
  3. 'कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं' में 'हमारे' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
    (a) देश की रक्षा हेतु कुर्बान होते सैनिकों के लिए
    (b) देश की रक्षा हेतु घायल होते सैनिकों के लिए
    (c) देश की सीमाओं पर पहरा देते सैनिकों के लिए
    (d) देश के पर्वतीय हिस्सों में तैनात सैनिकों के लिए
  4. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए -
    (क) सैनिक घायल अवस्था में भी अपने कर्तव्य का निर्वाह करने से पीछे नहीं हटते।
    (ख) सैनिक युद्ध के लिए जाते समय अपने सभी उत्तरदायित्व किसी और को सौंप जाते हैं।
    (ग) सैनिक देश और देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की बाज़ी लगा देते हैं।
    (घ) सभी सैनिक मानसिक और शारीरिक रूप से मज़बूत होने के कारण ही अहंकारी होते हैं।
    उपर्युक्त कथनों के लिए काव्यांश से मेल खाते हुए उचित विकल्‍प चुनकर लिखिए:
    (a) (क) और (ख)
    (b) (क) और (ग)
    (c) (क), (ख) और (ग)
    (d) (क), (ग) और (घ)
  5. काव्यांश में देशवासियों से क्या अपेक्षा की गई है?
    (a) देश के विकास की
    (b) देश के विस्तार की
    (c) देश की रक्षा की
    (d) देश की संपन्‍नता की

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