Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीज़ें बिखरी पड़ी हैं, जो अपने पात्र की तलाश में हैं।
Advertisements
Solution
हमारे आस-पास के वातावरण में अनेक प्रकार की चीज़ें बिखरी होती हैं। उन्हें सही ढंग से सँवारने वाले व्यक्ति की आवश्यकता होती है। वही उनको नया रुप देता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है?
लेखक को अपने पिटने का भय कब दूर हुआ?
'आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी लाइब्रेरी है' − पिता के इस कथन से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?
सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाने के लिए आप क्या-क्या सुझाव देना चाहेंगे?
बुढ़िया से खरबूजे खरीदने में लोगों को क्या डर सता रहा था?
बुढ़िया को रोते देखकर लेखक चाहकर भी क्या न कर सका?
बुढ़िया के दुख से दुखी लेखक को किसकी याद आई?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा, छोटी-सी पूजा-अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री
तेनजिंग शेरपा की पहली चढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।
अहमदाबाद में बापू के आश्रम के विषय में चित्रात्मक जानकारी एकत्र कीजिए।
समय का अभाव होने पर भी महादेव भाई ने किस प्रकार साहित्यिक योगदान दिया?
गांधी जी ने महादेव भाई को अपने उत्तराधिकारी का पद कब सौंपा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
कौन-सा कार्य देश की स्वाधीनता के विरूद्ध समझा जाएगा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'बुद्धि पर मार' के संबंध में लेखक के क्या विचार हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
कैलेंडर की तारीखें किस तरह फड़फड़ा रही हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
सत्कार की ऊष्मा समाप्त होने पर क्या हुआ?
लेखक अपने अतिथि को दिखाकर दो दिनों से कौन-सा कार्य कर रहा था और क्यों?
लेखक ने एस्ट्रोनॉट्स का उल्लेख किस संदर्भ में किया है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
अब तो, आपका पूजा-पाठ न देखा जाएगा, आपकी भलमनसाहत की कसौटी केवल आपका आचरण होगी।
