Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
गाँधीजी से मिलने आनेवालों के लिए महादेव भाई क्या करते थे?
Advertisements
Solution
गाँधीजी से मिलने आनेवालों से महादेव जी खुद मिलते थे, उनकी समस्याएँ सुनते, उनकी संक्षिप्त टिप्पणी तैयार करते और गांधी को बताते। इसके बाद वे आने वालों को गांधीजी से मिलवाते थे।
RELATED QUESTIONS
कौए की काँव-काँव के बाद भी मनुष्य उसे कब आदर देता है और क्यों?
‘स्मृति’ कहानी हमें बच्चों की दुनिया से सच्चा परिचय कराती है तथा बाल मनोविज्ञान का सफल चित्रण करती है। इससे आप कितना सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।
‘मेरी रीढ़ में एक झुरझुरी-सी दौड़ गई’ लेखक के इस कथन के पीछे कौन-सी घटना जुड़ी है?
त्रिपुरा में आदिवासियों के मुख्य असंतोष की वजह पर प्रकाश डालिए।
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
कनकापुरा में गांधी जी की सभा के बाद आगे की यात्रा में परिवर्तन क्यों कर दिया गया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री से कोई खरबूज़े क्यों नहीं खरीद रहा था?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
शोक करने, गम मनाने के लिए भी सहूलियत चाहिए और... दु:खी होने का भी एक अधिकार होता है।
भगवाना कौन था? उसकी मृत्यु किस तरह हुई ?
इस पर्वत का नाम ‘एवरेस्ट’ क्यों पड़ा? जानकारी प्राप्त कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
महादेव भाई ने गांधीजी की कौन-सी प्रसिद्ध पुस्तक का अनुवाद किया था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई के लिखे नोट के विषय में गांधीजी क्या कहते थे?
पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
महादेव भाई स्वयं को गांधी जी का ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ क्यों कहते थे?
एवरेस्ट अभियान की पहली बाधा कौन-सी थी? इस बाधा का पता लेखिका को कैसे चला?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
दोपहर के भोजन को कौन-सी गरिमा प्रदान की गई?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
रामन् की खोज ने किन अध्ययनों को सहज बनाया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25 - 30 शब्दों में) लिखिए −
कॉलेज के दिनों में रामन् की दिली इच्छा क्या थी?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
उबल पड़ने वाले साधारण आदमी का इसमें केवल इतना ही दोष है कि वह कुछ भी नहीं समझता-बूझता और दूसरे लोग उसे जिधर जोत देते हैं, उधर जुत जाता है।
हमारे देश में धर्म के ठेकेदार कहलाने का दम भरने वाले लोग मूर्ख लोगों का शोषण किस तरह करते हैं?
