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Question
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
- “देखत भृगुपति बेषु कराला।”
- “बोले परसुधरहि अपमाने।।”
- “सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू”
यहाँ परशुराम को विभिन्न नामों से संबोधित किया गया है; जैसे- भृगुपति, परसुधर और भृगुकुलकेतू। आप इस कविता में अनेक विशेषताएँ देख सकते हैं, जैसे- दोहा – चौपाई का क्रम से होना, बिना वक्ता का नाम बताए उसका कथन कह देना, मुहावरों का उपयोग करना आदि । नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और उनके एक-एक उदाहरण दिए गए हैं। एक-एक उदाहरण आप लिखिए।
| विशेषता | अर्थ | उदाहरण |
| अनुप्रास अलंकार | एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति | अरि करनी करि करिअ लराई |
| अतिशयोक्ति अलंकार | बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना | अरध निमेष कलप सम बीता |
| रूपक अलंकार | रूप का आरोपण करना | पद सरोज मेले दोउ भाई |
Short Answer
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Solution
| विशेषता | अर्थ | उदाहरण |
| अनुप्रास अलंकार | एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति | “लखन मुसुकाने बोले परसुधरहि अपमाने” |
| अतिशयोक्ति अलंकार | बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना | “अरध निमेष कलप सम बीता” |
| रूपक अलंकार | रूप का आरोपण करना | “पद सरोज मेले दोउ भाई” |
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