Advertisements
Advertisements
Question
मुख्य आरण्यक ग्रन्थों के नामों का उल्लेख कीजिए।
Advertisements
Solution
आरण्यकों में ऐतरेय आरण्यक, शांखायन्त आरण्यक, बृहदारण्यक, मैत्रायणी उपनिषद् आरण्यक तथा तवलकार आरण्यक मुख्य हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
वैदिक साहित्य के विकास का समय बताइए।
संहिता किसे कहते हैं?
किन ग्रन्थों से वानप्रस्थ आश्रम का सम्बन्ध था?
ब्राह्मणग्रंथों की रचना का उद्देशय क्या था?
उपनिषदों को वेदांत क्यों कहते हैं?
वेदाङ्ग किसे कहते हैं तथा इसके अन्तर्गत किन-किन शास्त्रों को लिया गया हैं?
कल्पसूत्र के मुख्य भेदों के नाम लिखिए।
सूक्त किसे कहते हैं?
ऋग्वेद में ऋचाओं की कुल संख्या बताइए।
आर्य लोगों ने ऋग्वेद में किन-किन देवताओं को प्रमुख स्थान दिया हैं?
सृष्टि प्रक्रिया का वर्णन ऋग्वेद में कौन से सूक्त में किया गया हैं?
यजुर्वेद की मुख्य शाखाएँ बताइए।
शुक्लयजुर्वेद की प्रसिद्ध शाखा का नाम लिखिए।
यजुर्वेद की अधिक लोकप्रियता का कारण क्या है?
सामवेद के मन्त्रों का ज्ञान कौन-सा ऋत्विक करता हैं?
वेदत्रयी मे गिने जाने वाले वेदों के नाम बताइए।
अथर्ववेद के रचयिता कौन थे?
अथर्ववेद के मंत्रों में किन-किन बातों का वर्णन है?
ब्राह्मण ग्रंथों से क्या तात्पर्य है?
ऋग्वेद संहिता से सम्बद्ध ब्राह्मण के नाम लिखिए।
ऐतरेय ब्राह्मण किसकी रचना है?
ब्राह्मण ग्रन्थों में सबसे बड़ा कौन-सा ग्रन्थ है?
याज्ञवल्क्य ने शुक्लयजुर्वेद की प्राप्ति कैसे की?
ब्राह्मण ग्रन्थों में किन विषयों का वर्णन हुआ है?
आरण्यकों में किन विषयों की चर्चा की हुई है?
मौलिक उपनिषदों की संख्या कितनी थी? उनके नाम लिखिए।
उपनिषदों के आधार पर कौन-से दर्शन का विकास हुआ?
ब्रह्मसूत्र के रचयिता कौन थे?
निरुक्त का संकलन क्यों किया गया?
प्रातिशाख्य नामक ग्रन्थ में किस वेदाङ्ग का विस्तार हुआ है?
मानवधर्म, समाजधर्म, राजधर्म और पुरुषार्थों का वर्णन ______ सूत्र में हुआ है।
______ को वेदों का मुख कहा गया है।
काल का निर्धारण करने वाला शास्त्र ______ कहलाता है।
वैदिक मन्त्रों की पद्यबद्ध रचना का नियामक ______ शास्त्र है।
