Advertisements
Advertisements
Question
ब्राह्मण ग्रंथों से क्या तात्पर्य है?
Advertisements
Solution
ब्राह्मण ग्रन्थों में सांस्कृतिक तत्त्वों का बीज भी प्राप्त होता है, जैसे -- सृष्टि की व्याख्या, वर्णाश्रम-धर्म, ख्री-महिमा, अतिथि-सत्कार, यज्ञ का महत्त्व, सदाचार, विद्यावंश इत्यादि।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
वैदिक साहित्य के विकास का समय बताइए |
संहिता किसे कहते हैं ? मुख्य संहिताओं के नाम लिखिए |
ऋत्विजों के नाम तथा कार्यों का उल्लेख कीजिए |
किन ग्रन्थों से वानप्रस्थ आश्रम का सम्बन्ध था ?
ब्राह्मण ग्रंथों की रचना का उद्देशय क्या था?
उपनिषदों को वेदांत क्यों कहते हैं?
वेदाङ्ग किसे कहते हैं तथा इसके अन्तर्गत किन किन शास्त्रों को लिया गया हैं?
सूक्त किसे कहते हैं?
ऋग्वेद के सूक्तों की संख्या बताइए |
आर्य लोगों ने ऋग्वेद में किन किन देवताओं को प्रमुख स्थान दिया हैं?
ऋग्वेद में मुख्यतः किन लौकिक विषयों का वर्णन मिलता है|
सृष्टि प्रक्रिया का वर्णन ऋग्वेद में कौन से सूक्त में किया गया हैं?
यजुर्वेद की मुख्य शाखाएं बताइए |
शुक्लयजुर्वेद की प्रसिद्ध शाखा का नाम लिखिए |
यजुर्वेद की अधिक लोकप्रियता का कारण क्या है?
सामवेद के किन गानों की संख्या सर्वाधिक है?
सामवेद के विषय पर ५० शब्दों मैं लिखये |
वेदत्री में गिने जाने वाले वेदों के नाम लिखिए|
ऋग्वेद संहिता से सम्बन्ध ब्राह्मण के नाम लिखिए |
ब्राह्मण ग्रंथों में सबसे बड़ा ग्रन्थ कौनसा है?
याज्ञवल्क्य ने शुक्लयजुर्वेदा की प्राप्ति कैसे की?
ब्राह्मण ग्रंथों में किन विषयों का वर्णन किया गया है?
आरण्यकों में किन विषयों की चर्चा की हुई है?
मुख्य आरण्यक ग्रंथों के नामों का उल्लेख कीजिए ?
शोपेनहावर ने उपनिषदों के विषय में क्या कहा था?
मौलिक उपनिषदों की संख्या कितनी थी? उनके नाम लिखिए |
यम-नचिकेता का संवाद किस उपनिषद में है?
उपनिषदों के आधार पर कौन से दर्शन का विकास हुआ?
प्रातिशाख्य नामक ग्रंथ में किस वेदांग का विस्तार हुआ है?
कल्प से आप क्या समझते हैं और इसके मुख्य भेद कौनसे हैं?
नीचे लिखे वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
मानवधर्म, समाजधर्म, राजधर्म और पुरुषार्थों का वर्णन ______ सूत्र मैं हुआ हैं |
नीचे लिखे वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
काल का निर्धारण करने वाला शास्त्र ______ कहलाता है |
नीचे लिखे वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
वैदिक मन्त्रों की पद्यबद्ध रचना का नियामक ______ शास्त्र है |
