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Question
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
महुआ खड़ा किसकी व्यथा साँझ का तारा कौन संदेशा |
(1) उचित मिलान कीजिए: (2)
| ‘अ’ | ‘आ’ |
| (i) महुआ | आम |
| (ii) साँझ | पवन |
| (iii) संदेशा | श्वेत चादर |
| (iii) व्यथा | तारा |
| घटा |
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: (1)
- नभ - ______
- निशा - ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए: (1)
- तारा - ______
- घटा - ______
(3) उपर्युक्त पद्यांश से किसी एक हाइकु का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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Solution
(1)
| ‘अ’ | उत्तर |
| (i) महुआ | श्वेत चादर |
| (ii) साँझ | तारा |
| (iii) संदेशा | पवन |
| (iii) व्यथा | घटा |
(2) (i)
- नभ - पुल्लिंग
- निशा - स्त्रीलिंग
(ii)
- तारा - तारे
- घटा - घटाऍं
(3) जब ग्रीष्म ऋतु का मौसम बीत जाने पर आसमान में बादल आ जाते हैं। उसी प्रकार कवी जब गाँव नहीं पहुँचता तो बेसबरी से इंतजार करता गाँव दुःखी हो जाता है। उदास हो जाता है। वह दुःख आसमान में काली घटा की तरह घिर जाती है।
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मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
‘गाँव मुझको
मैं ढूँढ़ता गाँव काे
खो गए दोनों।’
पहचानकर लिखिए :
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पहचानकर लिखिए :
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जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | आ |
| १. गाँव की दोपहर | झींगुर |
| २. मेहँदी की गंध | व्यथा |
| ३. शहनाई | छाँव |
| ४. छाई घटा | याद |
निम्नलिखित मुदूदों के आधार पर पद्यविश्लेघषण कीजिए :
'मेरी स्मृति' अथवा 'चिंता' मुद्दे:
- रचनाकार का नाम
- रचना की विधा
- पसंद की पंक्तियाँ
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा।
