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Question
मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
‘गाँव मुझको
मैं ढूँढ़ता गाँव काे
खो गए दोनों।’
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Solution
प्रस्तुत पद्यांश डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव रचित कविता 'मेरी स्मृति' से अवतरित की गई है। इस पंक्तियों के माध्यम से कवि यह बताते हैं कि शहरों में आए लोगों की जीवनशैली बदल गई है। गाँवों में पेड़ कट गए हैं, जंगल कट गए हैं, कच्चे घरों के स्थान पर पक्के घर बन गए हैं, सड़कें बन गई हैं, इसलिए अब गाँवों में भी काफी परिवर्तन आ गया है, इसलिए न गाँव शहरियों को पहचानते हैं और न ही शहरी गाँव को पहचानते हैं।
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पहचान कर लिखिए :
कूकने वाली
पहचान कर लिखिए :
महकने वाला
पहचान कर लिखिए :
शहनाई बजाने वाले
हाइकु में निम्नलिखित अर्थ में आए शब्द :
पेड़
पहचानकर लिखिए :
खोजने आने वाले
पहचानकर लिखिए :
खो जाने वाले
पहचानकर लिखिए :
संदेश लाने वाला
जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | आ |
| १. गाँव की दोपहर | झींगुर |
| २. मेहँदी की गंध | व्यथा |
| ३. शहनाई | छाँव |
| ४. छाई घटा | याद |
मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |'
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर "मेरी स्मृति" कविता का पद्य विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम
- रचना का प्रकार
- पसंदीदा पंक्ति
- पसंद होने का कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा
