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मेरी स्‍मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए : ‘गाँव मुझको मैं ढूँढ़ता गाँव काे खो गए दोनों।’

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Question

मेरी स्‍मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए : 

‘गाँव मुझको
मैं ढूँढ़ता गाँव काे
खो गए दोनों।’

Short/Brief Note
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Solution

प्रस्तुत पद्यांश डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव रचित कविता 'मेरी स्मृति' से अवतरित की गई है। इस पंक्तियों के माध्यम से कवि यह बताते हैं कि शहरों में आए लोगों की जीवनशैली बदल गई है। गाँवों में पेड़ कट गए हैं, जंगल कट गए हैं, कच्चे घरों के स्थान पर पक्के घर बन गए हैं, सड़कें बन गई हैं, इसलिए अब गाँवों में भी काफी परिवर्तन आ गया है, इसलिए न गाँव शहरियों को पहचानते हैं और न ही शहरी गाँव को पहचानते हैं।

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मेरी स्‍मृति
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Chapter 1.04: मेरी स्मृति - सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए [Page 20]

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Balbharati Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 1.04 मेरी स्मृति
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए | Q (३) | Page 20

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पहचान कर लिखिए :

कूकने वाली


हाइकु में निम्नलिखित अर्थ में आए शब्द :

शाम


पहचानकर लिखिए :

खोजने आने वाले


पहचानकर लिखिए :

खो जाने वाले 


पहचानकर लिखिए :

प्रतीक्षा करने वाली


पहचानकर लिखिए :

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कविता (मेरी स्‍मृति) में ‘कोयल’ तथा ‘साँझ’ के संदर्भ में आया वर्णन लिखिए।


मेरी स्‍मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :

'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |' 


'हरी-भरी वसुंधरा के प्रति मेरी जिम्मेदारी' पर आप अपने विचार लिखिए |


निम्नलिखित मुदूदों के आधार पर पद्यविश्लेघषण कीजिए :

'मेरी स्मृति' अथवा 'चिंता' मुद्दे:

  1. रचनाकार का नाम
  2. रचना की विधा
  3. पसंद की पंक्तियाँ
  4. पंक्तियाँ पसंद होने के कारण
  5. रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा।

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