Advertisements
Advertisements
Question
'हरी-भरी वसुंधरा के प्रति मेरी जिम्मेदारी' पर आप अपने विचार लिखिए |
Advertisements
Solution
हरी-भरी वसुंधरा के प्रति मेरी जिम्मेदारी यही हैं कि वह हमेशा हरी-भरी बनी रहे। हम सभी को हरी भरी धरती को ऐसे ही स्वच्छ बनाए रखने का प्रयत्न करना चाहिए। आज हम देखें तो आज के समय में मनुष्य ने अपने लालच की वजह से कई तरह के पेड़ पौधों की कटाई की है जिस वजह से हमारी यह हरी भरी धरती मैं पहले की अपेक्षा पेड़ पौधे दिन-प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं हम सभी को चाहिए कि हम पेड़ पौधे लगाएं और हमारी इस प्यारी सी हरी भरी धरती हमारी जन्मभूमि को स्वच्छ बनाए रखें। हमें अपनी हरी-भरी भूमि का ऋणी रहना चाहिए और इस भूमि को हमेशा स्वच्छ रखने की कोशिश करनी चाहिए। हम वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण कार्यक्रम हाथ में लेंगे ताकि, कटे हुए वृक्षों की कमी पूरी हो सके।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
पहचान कर लिखिए :
चहचहाने वाली
पहचान कर लिखिए :
शहनाई बजाने वाले
हाइकु में निम्नलिखित अर्थ में आए शब्द :
पेड़
हाइकु में निम्नलिखित अर्थ में आए शब्द :
शाम
पहचानकर लिखिए :
खो जाने वाले
पहचानकर लिखिए :
प्रतीक्षा करने वाली
जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | आ |
| १. गाँव की दोपहर | झींगुर |
| २. मेहँदी की गंध | व्यथा |
| ३. शहनाई | छाँव |
| ४. छाई घटा | याद |
मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |'
निम्नलिखित मुदूदों के आधार पर पद्यविश्लेघषण कीजिए :
'मेरी स्मृति' अथवा 'चिंता' मुद्दे:
- रचनाकार का नाम
- रचना की विधा
- पसंद की पंक्तियाँ
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा।
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
महुआ खड़ा किसकी व्यथा साँझ का तारा कौन संदेशा |
(1) उचित मिलान कीजिए: (2)
| ‘अ’ | ‘आ’ |
| (i) महुआ | आम |
| (ii) साँझ | पवन |
| (iii) संदेशा | श्वेत चादर |
| (iii) व्यथा | तारा |
| घटा |
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: (1)
- नभ - ______
- निशा - ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए: (1)
- तारा - ______
- घटा - ______
(3) उपर्युक्त पद्यांश से किसी एक हाइकु का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
