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मान लीजिए कि नमक की माँग और पूर्ति वक्र इस प्रकार दिया गया है। qD = 1000 - p, q8 = 700 + 2p संतुलन कीमत तथा मात्रा ज्ञात कीजिए।

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Question

मान लीजिए कि नमक की माँग और पूर्ति वक्र इस प्रकार दिया गया है।

q= 1000 - p, q= 700 + 2p

  1. संतुलन कीमत तथा मात्रा ज्ञात कीजिए।
  2. अब मान लीजिए कि नमक के उत्पादन के लिए प्रयुक्त एक आगत की कीमत में वृद्धि हो जाती है और नया पूर्ति वक्र है:
    q= 400 + 2p 
    संतुलन कीमत तथा मात्रा किस प्रकार परिवर्तित होती है? क्या परिवर्तन आपकी अपेक्षा के अनुकूल है?
  3. मान लीजिए, सरकार नमक की बिक्री पर 3 ₹ प्रति इकाई कर लगा देती है। यह संतुलन कीमत तथा मात्रा को किस प्रकार प्रभावित करेगा?
Sum
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Solution

    1. संतुलन बिन्दु वहाँ होगा जहाँ ।
      q= qs  
      ∴ 1000 - P = 700 + 2P
      3P = 300, P = 100
      संतुलन मात्रा = 1000 - 100 = 900
    2. नयी संतुलन कीमत और मात्रा के लिए
      œ= नया q
      1000 - P = 400 + 2P
      3P = 600, P = 200
      संतुलन मात्रा 1000 - 200 = 800 
      अतः संतुलन कीमत में वृद्धि हो गई और संतुलन मात्रा में कमी हो गई। यह हमारी अपेक्षा के अनुकूल है। पूर्ति में कमी होने पर संतुलन कीमत बढ़ती है और संतुलन मात्रा कम होती है।
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संतुलन, अधिमाँग, अधिपूर्ति
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Chapter 5: बाज़ार संतुलन - अभ्यास [Page 99]

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NCERT Vyashti Arthashastra Ek Parichay [Hindi] Class 11
Chapter 5 बाज़ार संतुलन
अभ्यास | Q 24. | Page 99

RELATED QUESTIONS

बाजार संतुलन की व्याख्या कीजिए।


हम कब कहते हैं कि बाजार में किसी वस्तु के लिए अधिमाँग है?


हम कब कहते हैं कि बाजार में किसी वस्तु के लिए अधिपूर्ति है?


क्या होगा यदि बाजार में प्रचलित मूल्य है?

संतुलन कीमत से अधिक।


क्या होगा यदि बाजार में प्रचलित मूल्य है?

संतुलन कीमत से कम हो।


मान लीजिए कि अभ्यास 5 में संतुलन कीमत बाजार में फर्मों की न्यूनतम औसत लागत से अधिक है। अब यदि हम फर्मों के निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति दे दें तो बाजार कीमत इसके साथ किस प्रकार समायोजन करेगी?


पूर्ति तथा माँग वक्रों का उपयोग करते हुए दर्शाइए कि जूतों की कीमतों में वृद्धि, खरीदी व बेची जाने वाली मोजों की जोड़ी की कीमतों को तथा संख्या को किस प्रकार प्रभावित करती है?


जब उत्पादन में प्रयुक्त आगतों की कीमतों में परिवर्तन होता है, तो किसी वस्तु की संतुलन कीमत तथा मात्रा किस प्रकार प्रभावित होती है?


यदि वस्तु X की स्थानापन्न वस्तु (Y) की कीमत में वृद्धि होती है तो वस्तु X की संतुलन कीमत तथा मात्रा पर इसका क्या प्रभाव होता है?


बाजार फर्मों की संख्या स्थिर होने पर तथा निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की स्थिति में माँग वक्र के स्थानान्तरण का संतुलन पर प्रभाव की तुलना कीजिए।


संतुलन कीमत तथा मात्रा किस प्रकार प्रभावित होते हैं जब ।

  1. माँग तथा पूर्ति वक्र दोनों, समान दिशा में शिफ्ट होते हैं?
  2. माँग तथा पूर्ति वक्र विपरीत दिशा में शिफ्ट होते हैं?

एक पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार में श्रम की इष्टतम मात्रा किस प्रकार निर्धारित होती है?


माँग वक्र में शिफ्ट का कीमत पर अधिक तथा मात्रा पर कम प्रभाव होता है, जबकि फर्मों की संख्या स्थिर रहती है। स्थितियों की तुलना करें जब निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति हो। व्याख्या करें।


मान लीजिए, एक पूर्ण प्रतिस्पर्धा बाजार में वस्तु X की माँग तथा पूर्ति वक्र निम्न प्रकार दिए गए हैं।

q= 700 - p
q= 500 + 3p क्योंकि p ≥ 15
= 0 क्योंकि 0 ≤ p < 15
मान लीजिए कि बाजार में समरूपी फर्मे हैं। 15 ₹ से कम, किसी भी कीमत पर वस्तु x की बाजार पूर्ति के शून्य होने के कारण की पहचान कीजिए। इस वस्तु के लिए संतुलन कीमत क्या होगी? संतुलन की स्थिति में
की कितनी मात्रा का उत्पादन होगा?


फर्मों को वस्तु का उत्पादन करने के निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति देते हैं। यह भी मान लीजिए कि बाजार समानरूपी फर्मों से बना है जो वस्तु x का उत्पादन करती है। एक अकेली फर्म का पूर्ति वक्र निम्न प्रकार है-

qf = 8 + 3p क्योंकि p ≥ 20 
= 0 क्योंकि 0 ≤ p < 20

  1. P = 20 का क्या महत्व है?
  2. बाजार में x के लिए किस कीमत पर संतुलन होगा? अपने उत्तर का कारण बताइए।
  3. संतुलन मात्रा तथा फर्मों की संख्या का परिकलन कीजिए।

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