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मान लीजिए कि अभ्यास 5 में संतुलन कीमत बाजार में फर्मों की न्यूनतम औसत लागत से अधिक है।

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Question

मान लीजिए कि अभ्यास 5 में संतुलन कीमत बाजार में फर्मों की न्यूनतम औसत लागत से अधिक है। अब यदि हम फर्मों के निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति दे दें तो बाजार कीमत इसके साथ किस प्रकार समायोजन करेगी?

Long Answer
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Solution

  1. यदि हम फर्मों को निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति दे दें तो पूर्ति में वृद्धि होगी।
  2. पूर्ति में वृद्धि होने से संतुलन कीमत कम होगी तथा संतुलन मात्रा बढ़ेगी।
  3. संतुलन कीमत कम होने से फर्मों के असामान्य लाभ विलुप्त हो जायेंगे।
    इसे चित्र द्वारा स्पष्ट किया गया है। बाजार कीमत OP थी जब माँग (DD) = पूर्ति (SS) थे। इस कीमत पर AR > AC अत: फर्ने सामान्य से अधिक लाभ कमा रही थी। हमने फर्मों को निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति दे दी तो पूर्ति में वृद्धि हो गई। यह वृद्धि तब तक होगी जब तक कीमत इतनी कम न हो जाए कि AR = Min. AC हो।


    चित्र में पैनल B में फर्म बिन्दु E पर संतुलन में है जहाँ MC = MR तथा MC, MR वक्र को नीचे से काट रही है। इस बिन्दु के अनुरूप उत्पादक OQ मात्रा बेचेगा जिसकी प्रति इकाई लागत = OC तथा प्रति इकाई संप्राप्ति = OP है। अतः प्रति इकाई लाभ = OP – 0C = PC है। अतः कुल लाभ = PC x OQ = ar PC ME
    यह असामान्य लाभ है, अतः नई फमें प्रवेश के लिए आकर्षित होंगी नई फर्मों के प्रवेश से कीमत (Panel A में) OP से 0P, हो जायेगी। इस कीमत पर प्रति इकाई लागत = OC, प्रति इकाई संप्राप्ति = OC अतः प्रति इकाई लाभ = शून्य अतः अब फर्म केवले सामान्य लाभ अर्जित करेगी। नोट-हानि की स्थिति में विपरीत होगा। कुछ फर्मे बाजार छोड़ देंगी, पूर्ति में कमी होगी, संतुलन कीमत बढ़ेगी और हानियाँ विलुप्त हो जायेंगी।।
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संतुलन, अधिमाँग, अधिपूर्ति
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Chapter 5: बाज़ार संतुलन - अभ्यास [Page 98]

APPEARS IN

NCERT Economics - Introductory Microeconomics [English] Class 11
Chapter 5 बाज़ार संतुलन
अभ्यास | Q 6. | Page 98

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