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बाजार फर्मों की संख्या स्थिर होने पर तथा निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की स्थिति में माँग वक्र के स्थानान्तरण का संतुलन पर प्रभाव की तुलना कीजिए।

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Question

बाजार फर्मों की संख्या स्थिर होने पर तथा निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की स्थिति में माँग वक्र के स्थानान्तरण का संतुलन पर प्रभाव की तुलना कीजिए।

Long Answer
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Solution

यदि फर्मों की संख्या स्थिर है तो माँग वक्र के दाईं ओर खिसकने (माँग में वृद्धि) से संतुलन मात्रा तथा संतुलन कीमत दोनों बढ़ेंगे और माँग वक्र के बाईं ओर खिसकने (माँग में कमी) से संतुलन मात्रा और संतुलन कीमत दोनों कम होंगे।

यदि फर्मों के लिए निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति है तो P = न्यूनतम औसत लागत पर स्थिर रहेगा इस कीमत पर कोई भी फर्म कितनी भी मात्रा की पूर्ति कर सकती है, परन्तु कीमत को परिवर्तित नहीं कर सकती। अतः ऐसे में माँग बढ़ने से संतुलन मात्रा बढेगी, संतुलन कीमत समान रहेगी तथा माँग कम होने से संतुलन मात्रा कम होगी, संतुलन कीमत समान रहेगी।

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संतुलन, अधिमाँग, अधिपूर्ति
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Chapter 5: बाज़ार संतुलन - अभ्यास [Page 98]

APPEARS IN

NCERT Vyashti Arthashastra Ek Parichay [Hindi] Class 11
Chapter 5 बाज़ार संतुलन
अभ्यास | Q 14. | Page 98

RELATED QUESTIONS

बाजार संतुलन की व्याख्या कीजिए।


हम कब कहते हैं कि बाजार में किसी वस्तु के लिए अधिमाँग है?


क्या होगा यदि बाजार में प्रचलित मूल्य है?

संतुलन कीमत से अधिक।


क्या होगा यदि बाजार में प्रचलित मूल्य है?

संतुलन कीमत से कम हो।


फर्मों की एक स्थिर संख्या होने पर पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार में कीमत का निर्धारण किस प्रकार होता है? व्याख्या कीजिए।


मान लीजिए कि अभ्यास 5 में संतुलन कीमत बाजार में फर्मों की न्यूनतम औसत लागत से अधिक है। अब यदि हम फर्मों के निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति दे दें तो बाजार कीमत इसके साथ किस प्रकार समायोजन करेगी?


पूर्ति तथा माँग वक्रों का उपयोग करते हुए दर्शाइए कि जूतों की कीमतों में वृद्धि, खरीदी व बेची जाने वाली मोजों की जोड़ी की कीमतों को तथा संख्या को किस प्रकार प्रभावित करती है?


कॉफी की कीमत में परिवर्तन, चाय की संतुलन कीमत को किस प्रकार प्रभावित करेगा? एक आरेख द्वारा संतुलन मात्रा पर प्रभाव को समझाइए।


जब उत्पादन में प्रयुक्त आगतों की कीमतों में परिवर्तन होता है, तो किसी वस्तु की संतुलन कीमत तथा मात्रा किस प्रकार प्रभावित होती है?


यदि वस्तु X की स्थानापन्न वस्तु (Y) की कीमत में वृद्धि होती है तो वस्तु X की संतुलन कीमत तथा मात्रा पर इसका क्या प्रभाव होता है?


माँग तथा पूर्ति वक्र दोनों के दायीं ओर शिफ्ट का, संतुलन कीमत तथा मात्रा पर प्रभाव को एक आरेख द्वारा समझाइए।


संतुलन कीमत तथा मात्रा किस प्रकार प्रभावित होते हैं जब ।

  1. माँग तथा पूर्ति वक्र दोनों, समान दिशा में शिफ्ट होते हैं?
  2. माँग तथा पूर्ति वक्र विपरीत दिशा में शिफ्ट होते हैं?

वस्तु बाजार में तथा श्रम बाजार में माँग तथा पूर्ति वक्र किस प्रकार भिन्न होते हैं?


एक पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार में श्रम की इष्टतम मात्रा किस प्रकार निर्धारित होती है?


माँग वक्र में शिफ्ट का कीमत पर अधिक तथा मात्रा पर कम प्रभाव होता है, जबकि फर्मों की संख्या स्थिर रहती है। स्थितियों की तुलना करें जब निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति हो। व्याख्या करें।


मान लीजिए, एक पूर्ण प्रतिस्पर्धा बाजार में वस्तु X की माँग तथा पूर्ति वक्र निम्न प्रकार दिए गए हैं।

q= 700 - p
q= 500 + 3p क्योंकि p ≥ 15
= 0 क्योंकि 0 ≤ p < 15
मान लीजिए कि बाजार में समरूपी फर्मे हैं। 15 ₹ से कम, किसी भी कीमत पर वस्तु x की बाजार पूर्ति के शून्य होने के कारण की पहचान कीजिए। इस वस्तु के लिए संतुलन कीमत क्या होगी? संतुलन की स्थिति में
की कितनी मात्रा का उत्पादन होगा?


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