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लेखक ने राजप्पा के टिकट इकट्ठा करने की तुलना मधुमक्खी से क्यों की?

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Question

लेखक ने राजप्पा के टिकट इकट्ठा करने की तुलना मधुमक्खी से क्यों की?

Short/Brief Note
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Solution

जिस प्रकार मधुमक्खी सारा दिन दूर-दूर घूम-घूमकर फूलों से मकरंद चूसती है और शहद की एक-एक बूंद इकट्ठा करती है, उसी प्रकार राजप्पा भी सारा दिन मेहनत करके दूर-दूर से, एक-एक टिकट इकट्ठा करके लाता था। इस प्रकार राजप्पा का टिकटों का संग्रह मधुमक्खी द्वारा विभिन्न फूलों से रस लेने के समान था। इसी समानता के कारण लेखक ने उसकी तुलना मधुमक्खी से की है।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 9: टिकट अलबम - कहानी से [Page 67]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 9 टिकट अलबम
कहानी से | Q 5 | Page 67

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