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लेखिका के कानों में किसके मधुर स्वर गूंजने लगते थे?

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Question

लेखिका के कानों में किसके मधुर स्वर गूंजने लगते थे?
One Line Answer
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Solution

लेखिका के कानों में चिड़ियों के मधुर स्वर गूंजने लगते थे।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 11: जो देखकर भी नहीं देखते - अतिरिक्त प्रश्न

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NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 11 जो देखकर भी नहीं देखते
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

RELATED QUESTIONS

क्या होता यदि-

(क) राजा दशरथ कैकेयी की प्रार्थना स्वीकार नहीं करते।

(ख) रावण ने विभीषण और अंगद का सुझाव माना होता और युद्ध का फैसला न किया होता।


नीचे कुछ चारित्रिक विशेषताएँ दी गई हैं और तालिका में कुछ पात्रों के नाम दिए गए हैं। प्रत्येक नाम के सामने उपयुक्त विशेषताओं को छाँटकर लिखो-

पराक्रमी, साहसी, निडर, पितृभक्त, वीर, शांत, दूरदर्शी, त्यागी, लालची, अज्ञानी, दुश्चरित्र, दीनबन्धु, गंभीर, स्वार्थी, उदार, धैर्यवान, अड़ियल, कपटी, भक्त, न्यायप्रिय, और ज्ञानी।

राम

______

सीता

______

लक्ष्मण

______

कैकेयी

______

रावण

______

हनुमान

______

विभीषण

______

भरत

______


तीन-तीन के समूहों में अपने साथियों के साथ कपड़ों के नमूने इकट्ठा करके कक्षा में बताओ। इन नमूनों को छूकर देखो और अंतर महसूस करो। यह भी पता करो कि कौन-सा कपड़ा किस मौसम में पहनने के लिए अनुकूल है?


हमारे देश में तरह-तरह के भोजन, तरह-तरह की पोशाकें प्रचलित हैं। कक्षा के बच्चे और शिक्षक इनके विविध रूपों के बारे में बातचीत करें। उत्तर-छात्र स्वयं करें।


बहुविकल्पी प्रश्न

केशव और श्यामा ने चिड़ियों के खाने के लिए क्या बिखेरा?


पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ एक नए युग की शुरूआत हुई?


बहुविकल्पीय प्रश्न

स्थायी भाषा कौन-सी है?


धरती का अस्तित्व कब से है?


कार्ड उठाते ही दरवाजा बंद हुआ।
यह बात हम इस तरीके से भी कह सकते हैं जैसे ही कार्ड उठाया, दरवाज़ा बंद हो गया।
ध्यान दो कि दोनों वाक्यों में क्या अंतर है। ऐसे वाक्यों के तीन जोड़े आप स्वयं सोचकर लिखो।


कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

मोहन ने पिता के दफ़तर में क्या खाया था?


निम्नलिखित शब्दों को कहानी में ढूँढ़कर उनका अर्थ समझो। अब स्वयं सोचकर इनसे वाक्य बनाओ-

खोंसना

जमघट

टटोलना

कुढ़ना

अगुआ

पुचकारना

खलना

हेकड़ी


डॉक्टर मोहने को क्या बीमारी बताते हैं और ठीक होने का क्या आश्वासन देते हैं?


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लोकगीतों की क्या विशेषता है?


खपच्चियों को किस प्रकार से रंगा जाता है?


‘पर सारे देश के ……… अपने-अपने विद्यापति हैं। इस वाक्य का क्या अर्थ है? पाठ पढ़कर मालूम करो और लिखो।


ऐसे कामों की सूची बनाओ जिन्हें तुम हर रोज़ खुद कर सकते हो।


तुमने कपड़ों को सिलते हुए देखा होगा। नीचे इस काम से जुड़े हुए कुछ शब्द दिए गए हैं। आसपास के बड़ों से या दरजी से इन शब्दों के बारे में पूछो और इन शब्दों को कुछ वाक्यों में समझाओ।

  • तुरपाई
  • बखिया
  • कच्ची सिलाई
  • चोर सिलाई

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