English

सुरंगनुमा रास्ते का प्रयोग कौन करते थे?

Advertisements
Advertisements

Question

सुरंगनुमा रास्ते का प्रयोग कौन करते थे?

One Line Answer
Advertisements

Solution

सुरंगनुमा रास्ता सभी के लिए खुला नहीं था। इसका प्रयोग कुछ लोग ही कर सकते थे। यह रास्ता केवल उन लोगों के लिए खुला था जो इस रास्ते से होते हुए काम पर जाया करते थे।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 6: पार नज़र के - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 6 पार नज़र के
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

RELATED QUESTIONS

पुस्तक के पहले अध्याय के पहले अनुच्छेद में लेखक ने सजीव ढंग से अवध की तसवीर प्रस्तुत की है।
तुम भी अपने आसपास की किसी जगह का ऐसा ही बारीक चित्रण करो। यह चित्रण मोहल्ले के चबूतरे, गली की चहल-पहल, सड़क के नज़ारे आदि किसी का भी हो सकता है जिससे तुम अच्छी तरह परिचित हो।


आपको लक्ष्मण के चरित्र से क्या प्रेरणा मिलती है?


राम के वन-गमन के बाद अयोध्या में क्या-क्या हुआ?


सन् 1935-40 के लगभग लेखिका को बचपन शिमला में अधिक दिन गुज़रा।
उन दिनों के शिमला के विषय में जानने का प्रयास करो।


हमारे देश में तरह-तरह के भोजन, तरह-तरह की पोशाकें प्रचलित हैं। कक्षा के बच्चे और शिक्षक इनके विविध रूपों के बारे में बातचीत करें। उत्तर-छात्र स्वयं करें।


नीचे प्रेमचंद की कहानी 'सत्याग्रह' का एक अंश दिया गया है। तुम इसे पढ़ोगे तो पाओगे कि विराम चिह्नों के बिना यह अंश अधूरा-सा है। तुम आवश्यकता के अनुसार उचित जगहों पर विराम चिह्न लगाओ-उसी समय एक खोमचेवाला जाता दिखाई दिया 11 बज चुके थे चारों तरफ़ सन्नाटा छा गया था पंडित जी ने बुलाया खोमचेवाले खोमचेवाला कहिए क्या दूँ भूख लग आई न अन्न-जल छोड़ना साधुओं का काम है हमारा आपका नहीं। मोटेराम! अबे क्या कहता है यहाँ क्या किसी साधु से कम हैं? चाहें तो महीने पड़े रहें और भूख न लगे तुझे तो केवल इसलिए बुलाया है कि ज़रा अपनी कुप्पी मुझे दे देखूँ तो वहा क्या रेंग रहा है मुझे भय होता है


बहुविकल्पी प्रश्न

बच्चों के मन में क्या जिज्ञासा थी?


बहुविकल्पीय प्रश्न

अक्षर ज्ञाने से पहले मनुष्य किस प्रकार संदेश भेजता था?


पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ नए युग की शुरुआत हुई?


अक्षरों की खोज का सिलसिला कब और कैसे शुरू हुआ? पाठ पढ़कर उत्तर लिखिए।


छोटू को सुरंग में जाने की इजाज़त क्यों नहीं थी? पाठ के आधार पर लिखो।


कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

इंसान चाहे तो क्या कर सकता है?


कुछ कहानियाँ सुखांत होती हैं और कुछ कहानियाँ दुखांत। इस कहानी के अंत को तुम दुखांत मानोगे या सुखांत? बताओ।


इस पाठ से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

गोल-चमकीला रोड़ा अपनी क्या कहानी बताता है?


आश्रम में काम करवाने का कौन-सा तरीका गांधी जी अपनाते थे? इसे पाठ पढ़कर लिखो।


लंदन में भोज पर बुलाए जाने पर गांधी जी ने क्या किया?


जिन जगहों की साँस में बाँस बसा है, अखबार और टेलीविजन के ज़रिये उन जगहों की कैसी तसवीर तुम्हारे मन में बनती है?


हाथों की कलाकारी घनघोर बारिश बुनाई का सफ़र आड़ा-तिरछा डलियानुमा कहे मुताबिक
इन वाक्यांशों का वाक्यों में प्रयोग करो-


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×