English

हाथों की कलाकारी घनघोर बारिश बुनाई का सफ़र आड़ा-तिरछा डलियानुमा कहे मुताबिकइन वाक्यांशों का वाक्यों में प्रयोग करो- - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

हाथों की कलाकारी घनघोर बारिश बुनाई का सफ़र आड़ा-तिरछा डलियानुमा कहे मुताबिक
इन वाक्यांशों का वाक्यों में प्रयोग करो-

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

  • हाथों की कलाकारी – बाँस से ज़्यादातर वस्तुओं का निर्माण हाथों की कलाकारी से ही संभव होता है।
  • घनघोर बारिश – आज यहाँ सवेरे से घनघोर बारिश हो रही है।
  • बुनाई का सफ़र – बाँसों की बुनाई का सफ़र आदिमानव काल से चली आ रही है।
  • आड़ा-तिरछा – बाँसों को आड़ा-तिरछा आकार देकर ही अलग-अलग वस्तुओं का निर्माण होता है।
  • डलियानुमा – यह डलियानुमा टोकरी काफ़ी उपयोगी है।
  • कहे मुताबिक – आपके कहे मुताबिक मैंने अपना गृहकार्य स्वयं कर लिया।
shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 17: साँस-साँस में बाँस - शब्दों पर गौर [Page 123]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 17 साँस-साँस में बाँस
शब्दों पर गौर | Q 1 | Page 123

RELATED QUESTIONS

क्या होता यदि-

(क) राजा दशरथ कैकेयी की प्रार्थना स्वीकार नहीं करते।

(ख) रावण ने विभीषण और अंगद का सुझाव माना होता और युद्ध का फैसला न किया होता।


यह रामकथा वाल्मीकि रामायण पर आधारित है। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस के बारे में जानकारी इकट्ठी करो और उसे चार्टपेपर पर लिखकर कक्षा में लगाओ।

जानकारी प्रस्तुत करने के निम्नलिखित बिंदु हो सकते हैं-

  • रामकथा का नाम

  • रचनाकार का नाम

  • भाषा/प्रांत


कपड़ों में मेरी दिलचस्पियाँ मेरी मौसी जानती थीं।
इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘दिलचस्पियाँ’ और ‘मौसी’ संज्ञाओं की विशेषता बता रहे हैं, इसलिए ये सार्वनामिक विशेषण हैं। सर्वनाम कभी-कभी विशेषण का काम भी करते हैं। पाठ में से ऐसे पाँच उदाहरण छाँटकर लिखो।


बहुविकल्पीय प्रश्न:

पहले गीत-संगीत सुनने के क्या साधन थे?


नीचे प्रेमचंद की कहानी 'सत्याग्रह' का एक अंश दिया गया है। तुम इसे पढ़ोगे तो पाओगे कि विराम चिह्नों के बिना यह अंश अधूरा-सा है। तुम आवश्यकता के अनुसार उचित जगहों पर विराम चिह्न लगाओ-उसी समय एक खोमचेवाला जाता दिखाई दिया 11 बज चुके थे चारों तरफ़ सन्नाटा छा गया था पंडित जी ने बुलाया खोमचेवाले खोमचेवाला कहिए क्या दूँ भूख लग आई न अन्न-जल छोड़ना साधुओं का काम है हमारा आपका नहीं। मोटेराम! अबे क्या कहता है यहाँ क्या किसी साधु से कम हैं? चाहें तो महीने पड़े रहें और भूख न लगे तुझे तो केवल इसलिए बुलाया है कि ज़रा अपनी कुप्पी मुझे दे देखूँ तो वहा क्या रेंग रहा है मुझे भय होता है


बहुविकल्पीय प्रश्न

अक्षरों की खोज का सिलसिला लगभग कब शुरू हुआ?


अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर दराज के इलाकों तक पहुँचाने के लिए किन-किन माध्यमों का सहारा लेता था?


इस कहानी के अनुसार मंगल ग्रह पर कभी आम जन-जीवन था। वह सब नष्ट कैसे हो गया? इसे लिखो।


पाठ में आए वाक्य ‘लोचा-लोचा फिरे है, के बदले ढीला-ढाला हो गया है या बहुत कमज़ोर हो गया है-लिखा जा सकता है लेकिन, लेखक ने संवाद में विशेषता लाने के लिए बोलियों के रंग-ढंग का उपयोग किया है। इस पाठ में इस तरह की अन्य पंक्तियाँ भी हैं; जैसे-
इत्ती नई-नई बीमारियाँ निकली हैं,
राम मारी बीमारियों ने तंग कर दिया,
तेरे पेट में तो बड़ी दाढ़ी है।
अनुमान लगाओ, इन पंक्तियों को दूसरे ढंग से कैसे लिखा जा सकता है।


पाठ से फ़ और ज वाले (नुक्तेवाले) चार-चार शब्द छाँटकर लिखिए। इस सूची में तीन-तीन शब्द अपनी ओर से भी जोड़िए


बहुविकल्पीय प्रश्न
वैद्य जी को बुलाकर कौन लाया?


मोहन ने क्या बहाना बनाया?


राजप्पा के अलबम को किसने, कितने में खरीदना चाहा था? राजप्पा ने क्या उत्तर दिया?

लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी?


दुनिया का पुराना हाल किन चीज़ों से जाना जाता है? कुछ चीज़ों के नाम लिखो।


मसूरी और इलाहाबाद भारत के किन प्रांतों के शहर हैं?


‘जबकि इस नियामत से जिंदगी को खुशियों के इन्द्रधनुषी रंगों से हरा-भरा किया जा सकता है। तुम्हारी नज़र में इसका क्या अर्थ हो सकता है?


एक रोड़ा दरिया में लुढ़कता-लुढ़कता किस रूप में बदल जाता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×