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Question
अपने इलाके के कुछ लोकगीत इकट्ठा करो। गाए जाने वाले मौकों के अनुसार उनका वर्गीकरण करो।
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Solution
- मल्हार- सावन के महीने में गाया जाने वाला गीत।
- विवाह गीत- विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले गीत।
- रागिणी- हरियाणा-दिल्ली का लोकगीत।
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पुस्तक के पहले अध्याय के पहले अनुच्छेद में लेखक ने सजीव ढंग से अवध की तसवीर प्रस्तुत की है।
तुम भी अपने आसपास की किसी जगह का ऐसा ही बारीक चित्रण करो। यह चित्रण मोहल्ले के चबूतरे, गली की चहल-पहल, सड़क के नज़ारे आदि किसी का भी हो सकता है जिससे तुम अच्छी तरह परिचित हो।
रामायण के रचयिता कौन थे?
राम के वन-गमन के बाद अयोध्या में क्या-क्या हुआ?
अपने बचपन की किसी मनमोहक घटना को याद करके विस्तार से लिखो।
सन् 1935-40 के लगभग लेखिका को बचपन शिमला में अधिक दिन गुज़रा।
उन दिनों के शिमला के विषय में जानने का प्रयास करो।
केशव और श्यामा ने चिड़िया के अंडों की रक्षा की या नादानी?
केशव और श्यामा ने अंडों के बारे में क्या-क्या अनुमान लगाए? यदि उस जगह तुम होते तो क्या अनुमान लगाते और क्या करते?
गर्मियों या सर्दियों में जब तुम्हारी लंबी छुटियाँ होती हैं, तो तुम्हारा दिन कैसे बीतता है? अपनी बुआ या किसी और को एक पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र लिखकर बताओ।
पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ नए युग की शुरुआत हुई?
कहानी में अंतरिक्ष यान को किसने भेजा था और क्यों?
बहुविकल्पीय प्रश्न
गीतकार कहाँ राहें पैदा करने की बात कह रहा है?
‘साथी हाथ बढ़ाना’ वाक्य किस ओर संकेत करता है?
सुरंगनुमा रास्ते का प्रयोग कौन करते थे?
संकट के समय के लिए कौन-कौन से नंबर याद रखे जाने चाहिए? ऐसे वक्त में पुलिस, फायर ब्रिगेड और डॉक्टर से तुम कैसे बात करोगे? कक्षा में करके बताओ।
लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी?
अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।
- अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-
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मिठास |
भूख |
शांति |
भोलापन |
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बुढ़ापा |
घबराहट |
बहाव |
फुर्ती |
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ताज़गी |
क्रोध |
मज़दूरी |
अहसास |
‘जब तुम मेरे साथ रहती हो, तो अकसर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो।’
यह वाक्य दो वाक्यों को मिलाकर बना है। इन दोनों वाक्यों को जोड़ने का काम जब-तो (तब) कर रहे हैं, इसलिए | इन्हें योजक कहते हैं। योजक के रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए ये अव्यय का एक प्रकार होते हैं। नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक-एक वाक्य बनाओ-
बल्कि / इसलिए / परंतु / कि / यदि / तो / न कि / या / ताकि।
- कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है ___________ मैं मेले में जाना चाहती हूँ।
- मुनिया ने सपना देखा ____________ वह चंद्रमा पर बैठी है।
- छुट्टियों में हम सब ___________ दुर्गापुर जाएँगे _________ जालंधर।
- सब्ज़ी कटवा कर रखना ___________ घर आते ही मैं खाना बना लें।
- _________ मुझे पता होता कि शमीना बुरा मान जाएगी _______ मैं यह बात न कहती।
- इस वर्ष फ़सल अच्छी नहीं हुई है _________ अनाज महँगा है।
- विमल जर्मन सीख रहा है _________ फ्रेंच।
बाँस को बूढ़ा कब कहा जा सकता है? युवा बाँस में कौन सी विशेषता होती है जो बूढ़े बाँस में नहीं पाई जाती?
