Advertisements
Advertisements
Question
क्या सज़ा देना ही गलत काम के सुधार का तरीका है? स्कूल के लिए ऐसे नियम बनाओ, जिससे बिना सज़ा के स्कूल में सुधार हो।
Advertisements
Solution
नहीं। सज़ा से बेहतर है बच्चे को समझाया जाना। बच्चे को खुद अपनी भूल का एहसास करने देना चाहिए। प्रत्येक भूल के लिए बच्चे को ही तय करने देना चाहिए कि उसके बदले उसे कितना ज़्यादा पढ़ना है। अच्छे काम के लिए उन्हें पुरस्कार दिया जाय। शिक्षक बच्चों को प्यार करें।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
अपनी टीचर की मदद से चार-पाँच बाँसों को बाँध कर एक छोटा-सा पुल बनाओ। उस पर चल कर देखो।
- तुम्हें कैसा लगा?
- गिरे तो नहीं?

जूते या चप्पल पहन कर पुल पर चलना ज़्यादा आसान होगा या नंगे पैर? क्यों?
चित्र 1 और 2 को देखो। बच्चे कुँए से बाल्टी खींच रहे हैं।

- क्या दोनों चित्रों में अंतर बता सकते हो?
- इन दोनों में से किस तरह से खींचना आसान होगा – पुली (घिरनी) के साथ या बिना पुली के?

अपने दादा-दादी से पता करो कि उनके बचपन के समय में पुल कैसे होते थे?
अपने आस-पास किसी पुल या पुलिया को देखो और उसके बारे में कुछ बातें पता करो-
- वह कहाँ बना है-पानी पर, सड़क पर, पहाड़ों के बीच या कहीं और?
- पुल को कौन-कौन पार करता है? लोग ही जाते हैं या जानवर और गाड़ियाँ भी?
- क्या वह पुले पुराना-सा लगता है या नया ?
- पता करो कि वह पुल किन-किन चीज़ों से बना है? उन चीज़ों की सूची बनाओ।
क्या तुम भी कभी उँट-गाड़ी या ताँगे पर बैठे हो? कहाँ? खुद चढ़े थे या किसी ने बिठाया था?
क्या तुम्हारे यहाँ भी बैलगाड़ियाँ होती हैं?
क्या बैलगाड़ियों में छत होती है?
क्या तुम कुछ पक्षियों को उनकी आवाजों से पहचान सकते हो? कितनों की आवाज खुद निकाल सकते हो? आवाज़ निकालो।

क्या ऐसी जगहों पर हमेशा ही बर्फ़ रहती है? क्यों?
