मराठी

क्या सज़ा देना ही गलत काम के सुधार का तरीका है? स्कूल के लिए ऐसे नियम बनाओ, जिससे बिना सज़ा के स्कूल में सुधार हो।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या सज़ा देना ही गलत काम के सुधार का तरीका है? स्कूल के लिए ऐसे नियम बनाओ, जिससे बिना सज़ा के स्कूल में सुधार हो।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

नहीं। सज़ा से बेहतर है बच्चे को समझाया जाना। बच्चे को खुद अपनी भूल का एहसास करने देना चाहिए। प्रत्येक भूल के लिए बच्चे को ही तय करने देना चाहिए कि उसके बदले उसे कितना ज़्यादा पढ़ना है। अच्छे काम के लिए उन्हें पुरस्कार दिया जाय। शिक्षक बच्चों को प्यार करें।

shaalaa.com
चलो, चलें स्कूल!
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: चलो, चलें स्कूल! - बताओ [पृष्ठ १०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 1 चलो, चलें स्कूल!
बताओ | Q 5 | पृष्ठ १०

संबंधित प्रश्‍न

कुछ ईंटें लो। इन्हें किसी खुली जगह पर सीधी लाइन में रखो, जैसे चित्र में दिखाया गया है। अब इन पर चलने की कोशिश करो। क्या यह आसान लगा?


तुम भी चरखी या खाली धागे की रील से पुली बनाकर कुछ सामान उठाने की कोशिश करो।


अंदाज़ा लगाओ, इस पुल को एक समय पर कितने लोग पार कर सकते हैं?


अगर तुम्हें मौका मिले, तो तुम कौन-से पुल से जाना चाहोगे? क्यों?


तुम्हें ताँगे गाड़ी पर बैठकर कैसा लगा? अपना अनुभव कक्षा में बताओ।


क्या तुम्हें साइकिल चलानी आती है? यदि हाँ, तो किससे सीखी?


क्या तुम कभी घने जंगल या ऐसी किसी जगह से गुज़रे हो? कहाँ?


क्या तुम कुछ पक्षियों को उनकी आवाजों से पहचान सकते हो? कितनों की आवाज खुद निकाल सकते हो? आवाज़ निकालो।


क्या स्कूल पहुँचने में तुम्हें भी कोई परेशानी होती है?


यदि तुम्हारा ऐसी किसी घटना से सामना हो तो तुम किसे बताओगे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×