Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या तुम भी कभी उँट-गाड़ी या ताँगे पर बैठे हो? कहाँ? खुद चढ़े थे या किसी ने बिठाया था?
Advertisements
उत्तर
हाँ, मैं अपनी दादी के गाँव में ताँगे पर बैठा हूँ। मेरे पिता ने उस पर चढ़ने में मेरी मदद की थी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
जूते या चप्पल पहन कर पुल पर चलना ज़्यादा आसान होगा या नंगे पैर? क्यों?

अगर तुम्हें मौका मिले, तो तुम कौन-से पुल से जाना चाहोगे? क्यों?
पानी पार करने के और क्या तरीके हो सकते हैं?
बैलगाड़ी का चित्र कॉपी में बनाओ।

तुम्हारे यहाँ इसे क्या कहते हैं?
क्या तुम कभी घने जंगल या ऐसी किसी जगह से गुज़रे हो? कहाँ?
क्या स्कूल पहुँचने में तुम्हें भी कोई परेशानी होती है?
मैदान में या स्कूल में किसी खुली जगह पर सब बच्चे इकट्टे हो जाओ। अब नीचे दी गई स्थितियों में तुम कैसे चलोगे, करके दिखाओ।
- अगर ज़मीन एकदम गुलाब की पंखुड़ियों जैसी हो।
- अगर ज़मीन काँटों-भरे मैदान में बदल गई हो और आस-पास ऊँची-ऊँची घास हो।
- अगर ज़मीन ठंडी-ठंडी बर्फ से ढँक गई हो।
क्या हर बार तुम्हारी चाल बदली? चर्चा करो।
क्या तुम्हारे स्कूल में भी सज़ा मिलती हैं? किस तरह की सज़ा मिलती है?
यदि तुम्हारा ऐसी किसी घटना से सामना हो तो तुम किसे बताओगे?
