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कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। स्त्रीलिंग: हम हिंदी ______ (पढ़)

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Question

कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। स्त्रीलिंग:

हम हिंदी ______ (पढ़)

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Solution

हम हिंदी पढ़ते हैं।

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बातचीत
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संजाल पूर्ण कीजिए :


आकृति पूर्ण कीजिए :


एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

पाठकों द्वारा शिवानी की सराहनीय कृति - ______ 


जोड़ियाँ मिलाइए :

अ उत्‍तर आ
धर्मयुग ______ मारिचिका
सोनार बाँग्‍ला ______ अंग्रेजी लेख
एशिया ______ पहली रचना
नटखट ______ मैं मुर्गा हूँ

कारण लिखिए :

शिवानी जी लेखिका बन गईं ______ 


लिखिए :

 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो।

पुल्लिंग:

तुम केला ______ (खा) 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो स्त्रीलिंग:

मैं गाना ______ (सीख)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
          मैं चाय नहीं पीता।

मोहन क्रिकेट खेलता है। (फुटबाल) 


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

शीला गाना गाती है।(नाचना)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

माताजी जी रोज़ दूध पीती हैं। (चाय)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

वे बच्चे शाम को खेलते हैं। (पढ़ना)


मैं सुबह ______ उठता हूँ।


मैं शाम को ______ क्रिकेट खेलता हूँ।


तुम्हारा विद्यालय कहाँ है?


अध्यापिका हिंदी कैसे पढ़ाती हैं? 


निम्नलिखित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

दुर्गा प्र. नौटियालः  आपने अब तक काफी साहित्‍य रचा है। क्‍या आप इससे संतुष्‍ट हैं? 
शिवानी: जहाँ तक संतुष्‍ट होने का संबंध है, मैं समझती हूँ कि किसी को भी अपने लेखन से संतुष्‍ट नहीं होना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लक्ष्य को सामने रखकर कुछ ऐसा लिखूँ कि जिस परिवेश को पाठक ने स्‍वयं भोगा है, उसे जीवंत कर दूँ। मुझे तब बहुत ही अच्छा लगता है जब कोई पाठक मुझे लिख भेजता है कि आपने अमुक-अमुक चरित्र का वास्‍तविक वर्णन किया है अथवा फलाँ-फलाँ चरित्र, लगता है, हमारे ही बीच है। लेकिन साथ ही मैं यह मानती हूँ कि लोकप्रिय होना न इतना आसान है और न ही उसे बनाए रखना आसान है। मैं गत पचास वर्षों से बराबर लिखती आ रही हूँ। पाठक मेरे लेखन को खूब सराह रहे हैं। मेरे असली आलोचक तो मेरे पाठक हैं, जिनसे मुझे प्रशंसा और स्‍नेह भरपूर मात्रा में मिलता रहा है। शायद यही कारण है कि मैं अब तक बराबर लिखती आई हूँ।
  1. कृति पूर्ण कौजिए:   (2)



  2. 'परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है' विषय 25 से 30 शब्दों अपने विचार लिखिए।   (2)

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