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Question
कमरे के ताप पर रखी सोडा जल की बोतल खोलने पर सी-सी की आवाज (फिज़) क्यों आती है?
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Solution
शीतल पेय में CO2 की घुलनशीलता बढ़ाने के लिए, सोडा पानी की बोतलों को उच्च दबाव में सील कर दिया जाता है। जब सामान्य वातावरण में बोतल को कमरे के तापमान पर खोला जाता है, तो बोतल के अंदर का दबाव वायुमंडलीय दबाव तक कम हो जाता है और अतिरिक्त CO2 बाहर निकल जाती है।
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ऐल्कोहॉल एवं जल के एक विलयन में आण्विक अन्योन्यक्रिया की क्या भूमिका है?
हेप्टेन एवं ऑक्टेन एक आदर्श विलयन बनाते हैं। 373 K पर दोनों द्रव घटकों के वाष्प दाब क्रमशः 105.2 kPa तथा 46.8 kPa हैं। 26.0 g हेप्टेन एवं 35.0 g ऑक्टेन के मिश्रण का वाष्प दाब क्या होगा?
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
n-हेक्सेन व n-ऑक्टेन
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
I2 तथा CCl4
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
मेथेनॉल तथा ऐसीटोन
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
ऐसीटोनाइट्राइल (CH3CN) तथा ऐसीटोन (C3H6O)
328 K पर शुद्ध ऐसीटोन एवं क्लोरोफॉर्म के वाष्प दाब क्रमशः 741.8 mm Hg तथा 632.8 mm Hg हैं। यह मानते हुए कि संघटन के सम्पूर्ण परास में ये आदर्श विलयन बनाते हैं, `"P"_"कल"`, `"P"_"क्लोरोफॉर्म"` तथा `"P"_"ऐसीटोन"` को `"x"_"ऐसीटोन"` के फलन के रूप में आलेखित कीजिए। मिश्रण के विभिन्न संघटनों के प्रेक्षित प्रायोगिक आंकड़े निम्नलिखित हैं।
| `bb(100 xx ("x"_"ऐसीटोन"))` | 0 | 11.8 | 23.4 | 36.0 | 50.8 | 58.2 | 64.5 | 72.1 |
| `bb("P"_"ऐसीटोन" // "mm Hg")` | 0 | 54.9 | 110.1 | 202.4 | 322.7 | 405.9 | 454.1 | 521.1 |
| `bb("P"_"क्लोरोफॉर्म" // "mm Hg")` | 632.8 | 548.1 | 469.4 | 359.7 | 257.7 | 193.6 | 161.2 | 120.7 |
उपर्युक्त आंकड़ों को भी उसी ग्राफ में आलेखित कीजिए और इंगित कीजिए कि क्या इसमें आदर्श विलयन से धनात्मक अथवा ऋणात्मक विचलन है?
बेन्जीन के दो अणुओं के मध्य अंतराआणिकक बल लगभग उतने ही प्रबल हैं जितने दो टॉलूईन अणुओं के मध्य। बेन्ज्ञीन और टॉलूईन के मिश्रण के लिए निम्नलिखित में से क्या सही नहीं है?
- `Delta_"मिश्रण"`H = शून्य
- `Delta_"मिश्रण"`V = शून्य
- यह न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाएँगे।
- यह आदर्श विलयन नहीं बनाएँगे।
सांद्रता पद जैसे कि द्रव्यमान प्रतिशत, पीपीएम, मोल-अंश और मोललता, ताप पर निर्भर नहीं करते जबकि मोलरता ताप का फलन होती है। समझाइए।
अभिकथन - द्रव अवस्था वाले विलयन की मोलरता ताप में परिवर्तन से परिवर्तित हो जाती है।
तर्क - ताप में परिवर्तन से विलयन का आयतन परिवर्तित होता है।
