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ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?

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Question

ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?

Answer in Brief
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Solution

शुद्ध जल में द्रव की संपूर्ण सतह जल के अणुओं द्वारा घिरी रहती है। जब एक अवाष्पशील ठोस को, उदाहरणार्थ ग्लूकोस को जल में घोला जाता है तो विलायक की सतह पर विलायक अणुओं के द्वारा घेरा गया अंश कम हो जाता है क्योंकि कुछ स्थान ग्लूकोस के अणुओं द्वारा घेर लिया जाता है।इसके परिणामस्वरूप सतह से पलायन करने वाले विलायक के अणुओं की संख्या कम हो जाती है। परिणामत: ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब भी कम हो जाता है।

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द्रवीय विलयनों का वाष्प दाब
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Chapter 2: विलयन - अभ्यास [Page 26]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 2 विलयन
अभ्यास | Q III. 43. | Page 26

RELATED QUESTIONS

कक्ष ताप पर शर्करा को जल में घोलने पर विलयन छूने से उंडा लगता है? निम्नलिखित में से किस स्थिति में शर्करा की विलीनता सर्वाधिक तेजी से होगी?


एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह ______ विलयन है।


निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना-

  1. ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराओणिकक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं के लगभग बराबर हैं।
  2. एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
  3. क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।

निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना- मेथेनॉल में ऐसीटोन मिलाने पर मेथेनॉल अणुओं के मध्य उपस्थित कुछ हाइड्रोजन आबंध टूट जाते हैं।


वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।

  1. यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
  2. यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
  3. यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  4. यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।

निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?

  1. बेन्जीन - टॉलुईन
  2. जल-नाइट्रिक अम्ल
  3. जल-एथेनॉल
  4. n - हेक्सेन - n - हेप्टेन

एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान हो गया तथा आसुत में दोनों ही संघटक आने लगे। स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों हुआ।


कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए व्यंजकों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I

कॉलम II

(i) द्रव्यमान प्रतिशत

(a) `"विलेय अवयव के मोलों की संख्या"/"विलयन का आयतन लिटर में"`

(ii) आयतन प्रतिशत

(b) `"किसी अवयव के मोलों की संख्या"/"सभी घटकों के मोलों की कुल संख्या"`

(iii) मोल अंश

(c) `"विलयन में विलेय अवयव का आयतन"/"विलयन का कल आयतन" xx 100`

(iv) मोललता

(d) `"विलयन में विलेय अवयव का द्रव्यमान"/"विलयन का कुल आयतन" xx 100`

(v) मोलरता

(e) `"किसी (विलेय) अवयव के मोलों की संख्या"/ "विलायक का द्रव्यमान किलोग्राम में"`


निम्नलिखित विलयन के लिए राउल्ट के नियम का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विलयन का कल वाष्प दाब अवयवों के मोल अंश से कैसे संबद्ध है?

NaCl (s) तथा H2O (l)


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