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Question
ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?
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Solution
शुद्ध जल में द्रव की संपूर्ण सतह जल के अणुओं द्वारा घिरी रहती है। जब एक अवाष्पशील ठोस को, उदाहरणार्थ ग्लूकोस को जल में घोला जाता है तो विलायक की सतह पर विलायक अणुओं के द्वारा घेरा गया अंश कम हो जाता है क्योंकि कुछ स्थान ग्लूकोस के अणुओं द्वारा घेर लिया जाता है।इसके परिणामस्वरूप सतह से पलायन करने वाले विलायक के अणुओं की संख्या कम हो जाती है। परिणामत: ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब भी कम हो जाता है।
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कक्ष ताप पर शर्करा को जल में घोलने पर विलयन छूने से उंडा लगता है? निम्नलिखित में से किस स्थिति में शर्करा की विलीनता सर्वाधिक तेजी से होगी?
द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।
हाइड्रोजन आबंधन का बनना, टूटना और मजबूती को दृष्टिगत रखते हुए अनुमान लगाइए कि निम्नलिखित मिश्रणों में से कौन-सा राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा?
500 mL की क्षमता के दो बीकर लिए गए। इसमें से "A" चिन्हित बीकर में 400 mL जल भरा गया जबकि "B" चिन्हित बीकर में NaCl के 2M विलयन का 400 mL भरा गया। दोनों बीकरों को एक ही पदार्थ से बने समान क्षमता वाले बंद पात्र में चित्र के अनुसार रखा गया। दिए गए ताप पर शुद्ध जल के वाष्प दाब तथा NaCl विलयन के वाष्पदाब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना- मेथेनॉल में ऐसीटोन मिलाने पर मेथेनॉल अणुओं के मध्य उपस्थित कुछ हाइड्रोजन आबंध टूट जाते हैं।
वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।
- यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।
एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) राउल्ट का नियम | (a) ΔTf = Kfm |
| (ii) हेनरी का नियम | (b) Π = CRT |
| (iii) क्वथनांक में उन्नयन | (c) p = x1p1° + x2p2° |
| (iv) हिमांक में अवनमन | (d) ΔTb = Kbm |
| (v) परासरण दाब | (e) p = KH·x |
कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए व्यंजकों से सुमेलित कीजिए-
|
कॉलम I |
कॉलम II |
|
(i) द्रव्यमान प्रतिशत |
(a) `"विलेय अवयव के मोलों की संख्या"/"विलयन का आयतन लिटर में"` |
|
(ii) आयतन प्रतिशत |
(b) `"किसी अवयव के मोलों की संख्या"/"सभी घटकों के मोलों की कुल संख्या"` |
|
(iii) मोल अंश |
(c) `"विलयन में विलेय अवयव का आयतन"/"विलयन का कल आयतन" xx 100` |
|
(iv) मोललता |
(d) `"विलयन में विलेय अवयव का द्रव्यमान"/"विलयन का कुल आयतन" xx 100` |
|
(v) मोलरता |
(e) `"किसी (विलेय) अवयव के मोलों की संख्या"/ "विलायक का द्रव्यमान किलोग्राम में"` |
निम्नलिखित विलयन के लिए राउल्ट के नियम का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विलयन का कल वाष्प दाब अवयवों के मोल अंश से कैसे संबद्ध है?
CHCl3 (l) तथा CH2Cl2 (l)
