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द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।

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Question

द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।

Options

  • ताप पर

  • बिलेय की प्रकृति पर

  • दाब पर

  • विलायक की प्रकृति

MCQ
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Solution

द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा दाब पर निर्भर नहीं करती।

स्पष्टीकरण -

बढ़ते दाब से ठोस और तरल को संपीड़ित नहीं किया जा सकता है, अर्थात वे दबाव के प्रभाव से अप्रभावित रहते हैं। तो ठोस विलेय का विघटन लागू दाब से स्वतंत्र होता है। ठोस और तरल के मामले में, दाब का प्रभाव विलेयता पर लगभग नगण्य है। गैसों को दबाव में वृद्धि से तरल में विघट‍ित किया जा सकता है क्योंकि गैसों के मामले में दाब में वृद्धि के साथ विलेयता बढ़ जाती है।

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द्रवीय विलयनों का वाष्प दाब
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Chapter 2: विलयन - अभ्यास [Page 19]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 2 विलयन
अभ्यास | Q I. 5. | Page 19

RELATED QUESTIONS

कक्ष ताप पर शर्करा को जल में घोलने पर विलयन छूने से उंडा लगता है? निम्नलिखित में से किस स्थिति में शर्करा की विलीनता सर्वाधिक तेजी से होगी?


निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना-

  1. ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराओणिकक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं के लगभग बराबर हैं।
  2. एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
  3. क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।

500 mL की क्षमता के दो बीकर लिए गए। इसमें से "A" चिन्हित बीकर में 400 mL जल भरा गया जबकि "B" चिन्हित बीकर में NaCl के 2M विलयन का 400 mL भरा गया। दोनों बीकरों को एक ही पदार्थ से बने समान क्षमता वाले बंद पात्र में चित्र के अनुसार रखा गया। दिए गए ताप पर शुद्ध जल के वाष्प दाब तथा NaCl विलयन के वाष्पदाब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।

  1. यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
  2. यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
  3. यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  4. यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।

एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान हो गया तथा आसुत में दोनों ही संघटक आने लगे। स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों हुआ।


हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।

कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।


कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) राउल्ट का नियम (a) ΔTf = Kfm
(ii) हेनरी का नियम (b) Π = CRT
(iii) क्वथनांक में उन्नयन (c) p = x1p1° + x2p2°
(iv) हिमांक में अवनमन (d) ΔTb = Kbm
(v) परासरण दाब (e) p = KH·x

निम्नलिखित विलयन के लिए राउल्ट के नियम का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विलयन का कल वाष्प दाब अवयवों के मोल अंश से कैसे संबद्ध है?

NaCl (s) तथा H2O (l)


द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।


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