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Question
द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।
Options
ताप पर
बिलेय की प्रकृति पर
दाब पर
विलायक की प्रकृति
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Solution
द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा दाब पर निर्भर नहीं करती।
स्पष्टीकरण -
बढ़ते दाब से ठोस और तरल को संपीड़ित नहीं किया जा सकता है, अर्थात वे दबाव के प्रभाव से अप्रभावित रहते हैं। तो ठोस विलेय का विघटन लागू दाब से स्वतंत्र होता है। ठोस और तरल के मामले में, दाब का प्रभाव विलेयता पर लगभग नगण्य है। गैसों को दबाव में वृद्धि से तरल में विघटित किया जा सकता है क्योंकि गैसों के मामले में दाब में वृद्धि के साथ विलेयता बढ़ जाती है।
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निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना-
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- क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।
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- यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
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(i)

(ii)

(iii)

(iv)

दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान हो गया तथा आसुत में दोनों ही संघटक आने लगे। स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों हुआ।
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कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।
कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
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