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Question
निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना- मेथेनॉल में ऐसीटोन मिलाने पर मेथेनॉल अणुओं के मध्य उपस्थित कुछ हाइड्रोजन आबंध टूट जाते हैं।
Options
एक विशिष्ट संघटन में मेथेनॉल-ऐसीटोन मिश्रण न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाएगा और राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा।
एक विशिष्ट संघटन में मेथेनॉल-ऐसीटोन मिश्रण अधिकतम क्वनांकी स्थिरक्वाथी बनाएगा और राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा।
एक विशिष्ट संघटन में मेथेनॉल-ऐसीटोन मिश्रण न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाएगा और राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन दर्शाएगा।
विशिष्ट संरचना में मेथनॉल-एसीटोन मिश्रण अधिकतम उबलते हुए एजोट्रोप का निर्माण करेगा और राउल्ट के नियम से नकारात्मक विचलन दिखाएगा।
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Solution
एक विशिष्ट संघटन में मेथेनॉल-ऐसीटोन मिश्रण अधिकतम क्वनांकी स्थिरक्वाथी बनाएगा और राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा।
स्पष्टीकरण -
(i) (A - A) या (B - B) इंटरैक्शन उस (A - B) इंटरैक्शन से अधिक मजबूत हैं; जहाँ, A मेथनॉल है और B एसीटोन के एक अणु का प्रतिनिधित्व करता है। इसका अर्थ है कि इस विलयन में A (या B) के अणुओं का बचना आसान होगा। इससे वाष्प का दबाव बढ़ जाएगा और परिणामस्वरूप रॉल्ट के नियम से धनात्मक विचलन हो जाएगा।
(ii) इस सकारात्मक विचलन के कारण मेथोनल-एसीटोन मिश्रण न्यूनतम क्वथनांक एज़ोट्रोप बनाता है।
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साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर ______।
एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह ______ विलयन है।
द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।
हाइड्रोजन आबंधन का बनना, टूटना और मजबूती को दृष्टिगत रखते हुए अनुमान लगाइए कि निम्नलिखित मिश्रणों में से कौन-सा राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा?
500 mL की क्षमता के दो बीकर लिए गए। इसमें से "A" चिन्हित बीकर में 400 mL जल भरा गया जबकि "B" चिन्हित बीकर में NaCl के 2M विलयन का 400 mL भरा गया। दोनों बीकरों को एक ही पदार्थ से बने समान क्षमता वाले बंद पात्र में चित्र के अनुसार रखा गया। दिए गए ताप पर शुद्ध जल के वाष्प दाब तथा NaCl विलयन के वाष्पदाब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।
- यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।
निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?
- बेन्जीन - टॉलुईन
- जल-नाइट्रिक अम्ल
- जल-एथेनॉल
- n - हेक्सेन - n - हेप्टेन
एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान हो गया तथा आसुत में दोनों ही संघटक आने लगे। स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों हुआ।
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कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।
