Advertisements
Advertisements
Question
किरण PQ तथा किरण PR परस्पर लंब है । बिंदु B यह ∠QPR के अंतःभाग में तथा बिंदु A यह ∠RPQ के बाह्यभाग में है । किरण PB तथा किरण PA परस्पर लंब है । इस आधार पर आकृति बनाइए तथा निम्नलिखित कोणों की जोड़ियाँ लिखिए ।
- कोटीपूरक कोण
- संपूरक कोण
- सर्वांगसम कोण
Advertisements
Solution

किरण PQ⊥ किरण PR, तो m∠QPR = 90∘ और किरण PA⊥ किरण PB, तो m∠APB = 90∘।
(i) दो कोण, जिनकी मापों का योग 90∘ है, संपूरक कोण कहलाते हैं।
m∠QPR = 90∘
⇒m∠BPQ + m∠BPR = 90∘
∴ ∠BPQ and ∠BPR संपूरक कोण.
(ii) दो कोण, जिनकी मापों का योग 180∘ है, अधिक कोण कहते हैं।
m∠APB + m∠QPR = 90∘ + 90∘ = 180∘
∴ ∠APB and ∠QPR संपूरक कोण हैं.
(iii) बिल्कुल समान माप वाले कोण सर्वांगसम कोण कहते हैं।
m∠QPR = m∠APB = 90∘
∴ ∠APB and ∠QPR सर्वांगसम कोण .
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निचे दी गई आकृति में यदि किरण BA || किरण DE, ∠C = 50° तथा ∠D = 100° तो ∠ABC का माप ज्ञात कीजिए।

(सूचना: बिंदु C से किरण BA केसमांतर रेखा खींचिए।)
दो समांतर रेखाओं को किसी तिर्यक रेखा द्वारा प्रतिच्छेदित करने पर बनने वाले कोणों में से किसी एक कोण का माप 40° हो तो उसके संगत कोण का माप ______ होता है।
सिद्ध कीजिए कि कोई रेखा किसी एक प्रतल की दो समांतर रेखाओं में से एक रेखा पर लंब हो तो वह रेखा दूसरी रेखा पर भी लंब होती है।
निचे दी गई आकृति में रेखा AB || रेखा CD || रेखा EF तथा रेखा QP उनकी तिर्यक रेखा है। यदि y : z = 3 : 7 तो x का मान ज्ञात कीजिए।

निचे दी गई आकृति में यदि रेखा q || रेखा r, तथा रेखा p उसकी तिर्यक रेखा हो और a = 80° तो f तथा g ज्ञात कीजिए।

