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किन्हीं दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, क्या गेंदों के संघट्ट की अल्पावधि में (जब वे संपर्क में होती हैं) कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है?

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Question

निम्नलिखित का उत्तर ध्यानपूर्वक, कारण सहित दीजिए:

किन्हीं दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, क्या गेंदों के संघट्ट की अल्पावधि में (जब वे संपर्क में होती हैं) कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है?

Answer in Brief
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Solution

किन्हीं दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, जब गेंदें संपर्क में होती हैं, तो गेंदों की गतिज ऊर्जा संभावित ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। संघट्ट से पहले और बाद में गतिज ऊर्जा समान रहती है। इसलिए, वर्णित प्रत्यास्थ संघट्ट में, कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है।

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संघट्ट
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Chapter 5: कार्य, ऊर्जा और शक्ति - अभ्यास [Page 91]

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NCERT Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 5 कार्य, ऊर्जा और शक्ति
अभ्यास | Q 5.8 (a) | Page 91

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किसी बहुकण निकाय के कुल संवेग-परिवर्तन की दर निकाय के ______ के अनुक्रमानुपाती होती है। 


किन्हीं दो पिण्डों के अप्रत्यास्थ संघट्ट में वे राशियाँ, जो संघट्ट के बाद नहीं बदलती हैं; निकाय की ______ हैं।


बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तर के लिए कारण भी दीजिए।

किसी अप्रत्यास्थ संघट्ट में, किसी निकाय की अंतिम गतिज ऊर्जा, आरंभिक गतिज ऊर्जा से हमेशा कम होती है।


निम्नलिखित का उत्तर ध्यानपूर्वक, कारण सहित दीजिए:

यदि दो बिलियर्ड-गेंदों की स्थितिज ऊर्जा केवल उनके केंद्रों के मध्य, पृथक्करण-दूरी पर निर्भर करती है तो संघट्ट प्रत्यास्थ होगा या अप्रत्यास्थ? (ध्यान दीजिए कि यहाँ हम संघट्ट के दौरान बल के संगत स्थितिज ऊर्जा की बात कर रहे हैं, न कि गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा की)


किसी गैस-पात्र में कोई अणु 200 m s-1 की चाल से अभिलंब के साथ 30° का कोण बनाता हुआ क्षैतिज दीवार से टकराकर पुनः उसी चाल से वापस लौट जाता है। क्या इस संघट्ट में संवेग संरक्षित है? यह संघट्ट प्रत्यास्थ है या अप्रत्यास्थ?


दो समरूपी बॉल-बियरिंग एक-दूसरे के संपर्क में हैं और किसी घर्षणरहित मेज पर विरामावस्था में हैं। इनके साथ समान द्रव्यमान का कोई दूसरा बॉल-बियरिंग, जो आरंभ में y चाल से गतिमान है. सम्मुख संघट्ट करता है। यदि संघट्ट प्रत्यास्थ है तो संघट्ट के पश्चात् निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम संभव है?


किसी लोलक के गोलक A को, जो ऊर्ध्वाधर से 30° का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक B से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। ज्ञात कीजिए कि संघट्ट के पश्चात् गोलक A कितना ऊँचा उठता है? गोलकों के आकारों की उपेक्षा कीजिए और मान लीजिए कि संघट्ट प्रत्यास्थ है।


0.012 kg द्रव्यमान की कोई गोली 70 ms-1 की क्षैतिज चाल से चलते हुए 0.4 kg द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके से टकराकर गुटके के सापेक्ष तुरंत ही विरामावस्था में आ जाती है। गुटके को छत से पतली तारों द्वारा लटकाया गया है। परिकलन कीजिए कि गुटका किस ऊँचाई तक ऊपर उठता है? गुटके में पैदा हुई ऊष्मा की मात्रा का भी अनुमान लगाइए।


चित्र में दिए गए स्थितिज ऊर्जा वक्रों में से कौन-सा वक्र संभवतः दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट का वर्णन नहीं करेगा? यहाँ r गेंदों के केंद्रों के मध्य की दूरी है और प्रत्येक गेंद का अर्धव्यास R है।

(i)

(ii)

(iii)

(iv)

(v)

(vi)


विरामावस्था में किसी मुक्त न्यूट्रॉन के क्षय पर विचार कीजिए n → p + e

प्रदर्शित कीजिए कि इस प्रकार के द्विपिंड क्षय से नियत ऊर्जा का कोई इलेक्ट्रॉन अवश्य उत्सर्जित होना चाहिए, और इसलिए यह किसी न्यूट्रॉन या किसी नाभिक के β – क्षय में प्रेक्षित सतत ऊर्जा वितरण का स्पष्टीकरण नहीं दे सकता। 


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