English

200 kg द्रव्यमान की कोई ट्रॉली किसी घर्षणरहित पथ पर 36 km h-1 की एकसमान चाल से गतिमान है। 20 kg द्रव्यमान का कोई बच्चा ट्रॉली के एक सिरे से दूसरे सिरे तक

Advertisements
Advertisements

Question

200 kg द्रव्यमान की कोई ट्रॉली किसी घर्षणरहित पथ पर 36 km h-1 की एकसमान चाल से गतिमान है। 20 kg द्रव्यमान का कोई बच्चा ट्रॉली के एक सिरे से दूसरे सिरे तक (10 m दूर) ट्रॉली के सापेक्ष 4 m s-1 की चाल से ट्रॉली की गति की विपरीत दिशा में दौड़ता है और ट्रॉली से बाहर कूद जाता है। ट्रॉली की अंतिम चाल क्या है? बच्चे के दौड़ना आरंभ करने के समय से ट्रॉली ने कितनी दूरी तय की ?

Numerical
Advertisements

Solution

निकाय (ट्रॉली + बच्चे) का द्रव्यमान

M = (ट्रॉली + बच्चे) का द्रव्यमान

= 200 kg + 20 kg

= 220 kg

निकाय का प्रारंभिक वेग ν1 = 36 km h-1

= `36 xx (5/18) "m"//"s"`

=10 m s-1

ट्रॉली पर बच्चे के दौड़ना प्रारंभ करने से पूर्व निकाय का संवेग 

`"P"_1 = ("M")"ν"_1`

∴ `"P"_1 = (220  "kg") xx 10  "m"  "s"^-1`

= 2200 kg m s-1

ट्रॉली पर बच्चे के दौड़ना आरंभ करने पर यह ट्रॉली को कुछ संवेग प्रदान करता है तथा ट्रॉली के नए वेग के सापेक्ष 4 m s-1 वेग से दौड़ता है।

माना ट्रॉली का नया वेग ν m/s है जबकि पृथ्वी के सापेक्ष बच्चे का वेग (ν - 4) m/s होगा।

अतः निकाय का अंतिम संवेग 

`"P"_2 = 200 xx "ν" + 20 xx ("ν" - 4)`

= (220 ν - 80) kg m s-1

संवेग संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार,

`"P"_2 = "P"_1`

∴ 220 ν - 80 = 2200

⇒ ν = 10.36 m/s

बच्चे द्वारा ट्रॉली के एक सिरे से दूसरे सिरे तक दौड़ने में लिया गया समय

`"t" = "दूरी"/"चाल"`

= `(10  "m")/(4  "m"  "s"^-1)`

= 2.5 सेकंड

∴ इस समय में ट्रॉली द्वारा तय की गयी दूरी

= ν × t

= 10.36 ×  2.5 सेकंड

= 25.9 m

shaalaa.com
संघट्ट
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

किसी बहुकण निकाय के कुल संवेग-परिवर्तन की दर निकाय के ______ के अनुक्रमानुपाती होती है। 


बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तर के लिए कारण भी दीजिए।

किन्हीं दो पिंडों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, प्रत्येक पिंड का संवेग व ऊर्जा संरक्षित रहती है।


बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तर के लिए कारण भी दीजिए।

किसी अप्रत्यास्थ संघट्ट में, किसी निकाय की अंतिम गतिज ऊर्जा, आरंभिक गतिज ऊर्जा से हमेशा कम होती है।


निम्नलिखित का उत्तर ध्यानपूर्वक, कारण सहित दीजिए:

किन्हीं दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, क्या गेंदों के संघट्ट की अल्पावधि में (जब वे संपर्क में होती हैं) कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है?


निम्नलिखित का उत्तर ध्यानपूर्वक, कारण सहित दीजिए:

यदि दो बिलियर्ड-गेंदों की स्थितिज ऊर्जा केवल उनके केंद्रों के मध्य, पृथक्करण-दूरी पर निर्भर करती है तो संघट्ट प्रत्यास्थ होगा या अप्रत्यास्थ? (ध्यान दीजिए कि यहाँ हम संघट्ट के दौरान बल के संगत स्थितिज ऊर्जा की बात कर रहे हैं, न कि गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा की)


दो समरूपी बॉल-बियरिंग एक-दूसरे के संपर्क में हैं और किसी घर्षणरहित मेज पर विरामावस्था में हैं। इनके साथ समान द्रव्यमान का कोई दूसरा बॉल-बियरिंग, जो आरंभ में y चाल से गतिमान है. सम्मुख संघट्ट करता है। यदि संघट्ट प्रत्यास्थ है तो संघट्ट के पश्चात् निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम संभव है?


किसी लोलक के गोलक A को, जो ऊर्ध्वाधर से 30° का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक B से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। ज्ञात कीजिए कि संघट्ट के पश्चात् गोलक A कितना ऊँचा उठता है? गोलकों के आकारों की उपेक्षा कीजिए और मान लीजिए कि संघट्ट प्रत्यास्थ है।


चित्र में दिए गए स्थितिज ऊर्जा वक्रों में से कौन-सा वक्र संभवतः दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट का वर्णन नहीं करेगा? यहाँ r गेंदों के केंद्रों के मध्य की दूरी है और प्रत्येक गेंद का अर्धव्यास R है।

(i)

(ii)

(iii)

(iv)

(v)

(vi)


विरामावस्था में किसी मुक्त न्यूट्रॉन के क्षय पर विचार कीजिए n → p + e

प्रदर्शित कीजिए कि इस प्रकार के द्विपिंड क्षय से नियत ऊर्जा का कोई इलेक्ट्रॉन अवश्य उत्सर्जित होना चाहिए, और इसलिए यह किसी न्यूट्रॉन या किसी नाभिक के β – क्षय में प्रेक्षित सतत ऊर्जा वितरण का स्पष्टीकरण नहीं दे सकता। 


निम्नलिखित का उत्तर ध्यानपूर्वक, कारण सहित दीजिए:

दो गेंदों के किसी अप्रत्यास्थ संघट्ट की लघु अवधि में क्या कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×