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Question
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो :
प्रेम
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Solution
प्रेम - प्यार
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कृति पूर्ण करो :

एक शब्द में उत्तर लिखो :
प्रतिदिन सुनने/सुनाने योग्य नाम - ______
एक शब्द में उत्तर लिखो:
कवि की जिह्वा पर इसके गीत हों −
एक शब्द में उत्तर लिखो :
मातृभूमि के सपूत - ______
एक शब्द में उत्तर लिखो :
पत्ते झरा हुआ वृक्ष - ______
प्रवाह तालिका पूर्ण करो :

चुप रहने के चार फायदे लिखो:
- ______
- ______
- ______
- ______
कविता की अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ लिखो।
बात बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे।
ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।
कविता में आए इस अर्थ के शब्द लिखो :
| अर्थ | शब्द | |
| (१) | मधु | ______ |
| (२) | कड़वे | ______ |
| (३) | विचार | ______ |
| (४) | आवश्यकता | ______ |
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखो :
मक्खन
कृति पूर्ण करो :

कृति पूर्ण करो :

उत्तर लिखो :
हम सब मिलकर करें
कृति करो :

कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो:
तिरस्कार
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो :
पुष्प
संजाल पूर्ण करो :

अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ लिखो।
चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !
