Advertisements
Advertisements
Question
कविता की अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ लिखो।
बात बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे।
ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।
Advertisements
Solution
इन अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ यह है कि यदि कोई व्यक्ति बिना कारण बातों में उलझाने या तर्क करने लगे, तो परिस्थिति को बदलकर उसे अपने अनुकूल मोड़ना सीख लेना चाहिए।
कवि यह भी कहता है कि ऐसा किसने कहा है कि हमेशा चुप रहना चाहिए? ज़रूरत पड़ने पर अपने विचार स्पष्ट और साहसपूर्वक रखना भी आना चाहिए।
सरल शब्दों में, ये पंक्तियाँ हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में न तो हर समय चुप रहना ठीक है और न ही हर बात में उलझना। परिस्थितियों के अनुसार सही समय पर बोलना और स्थिति को संभालना बुद्धिमानी है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
एक शब्द में उत्तर लिखो :
मातृभूमि के चरण धोने वाला - ______
एक शब्द में उत्तर लिखो :
प्रतिदिन सुनने/सुनाने योग्य नाम - ______
एक शब्द में उत्तर लिखो :
मातृभूमि के चरणों में इसे नवाना है - ______
कृति पूर्ण करो :

एक शब्द में उत्तर लिखो :
बदले-से लगते हैं - ______
उत्तर लिखो :
फटने वाले
कविता में आए इस अर्थ के शब्द लिखो :
| अर्थ | शब्द | |
| (१) | मधु | ______ |
| (२) | कड़वे | ______ |
| (३) | विचार | ______ |
| (४) | आवश्यकता | ______ |
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखो :
बलराम
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखो :
मक्खन
प्रवाह तालिका पूर्ण करो:

कृति पूर्ण करो :

कृति पूर्ण करो :

उत्तर लिखो :
मेधा की ऊँचाई नापेगा
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो :
दीपक
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो:
तिरस्कार
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो :
प्रेम
कृति करो :
अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ लिखो।
चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !
कविता में उल्लिखित मानव के विभिन्न रूप लिखोः
१. ______
२. ______
३. ______
4. ______
