हिंदी

कविता की अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो। बात बेबात कोई चुभने लगे तो,बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे। ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो, जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कविता की अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

बात बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे।

ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

इन अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ यह है कि यदि कोई व्यक्ति बिना कारण बातों में उलझाने या तर्क करने लगे, तो परिस्थिति को बदलकर उसे अपने अनुकूल मोड़ना सीख लेना चाहिए।

कवि यह भी कहता है कि ऐसा किसने कहा है कि हमेशा चुप रहना चाहिए? ज़रूरत पड़ने पर अपने विचार स्पष्ट और साहसपूर्वक रखना भी आना चाहिए।

सरल शब्दों में, ये पंक्तियाँ हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में न तो हर समय चुप रहना ठीक है और न ही हर बात में उलझना। परिस्थितियों के अनुसार सही समय पर बोलना और स्थिति को संभालना बुद्धिमानी है।

shaalaa.com
पद्य (8th Standard)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.6: जरा प्यार से बोलना सीख लीज - सूचना नुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.6 जरा प्यार से बोलना सीख लीज
सूचना नुसार कृतियाँ करो | Q (४) | पृष्ठ १५

संबंधित प्रश्न

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

मातृभूमि के चरण धोने वाला - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

प्रतिदिन सुनने/सुनाने योग्‍य नाम - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो:

कवि की जिह्‌वा पर इसके गीत हों −


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

मातृभूमि के चरणों में इसे नवाना है - ______


कविता की पंक्‍तियाँ पूर्ण करो :

सेवा में तेरी ____________;
__________________ ।।
__________________ ।
बलिदान मैं जाऊँ ।।


उचित जोड़ियाँ मिलाओ :

उत्‍तर
१. मेट्रो ______ गाँव
२. पीपल ______ कस्‍बा
    शहर

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है - ______


उत्‍तर लिखो :

फटने वाले 


कविता में आए इस अर्थ के शब्‍द लिखो :

  अर्थ शब्‍द
(१) मधु ______
(२) कड़वे ______
(३) विचार ______
(४) आवश्यकता ______

कविता में इस अर्थ में आए शब्‍द लिखो :

बलराम


प्रवाह तालिका पूर्ण करो:


कृति पूर्ण करो :


कृति पूर्ण करो :


कृति पूर्ण करो :

इन बातों में अलग होकर भी हम सब एक हैं -

  • ______
  • ______

कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

दीपक


कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो:

तिरस्‍कार


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

पुष्‍प


कृति करो :


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×