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कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो: तिरस्‍कार

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प्रश्न

कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो:

तिरस्‍कार

एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
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उत्तर

तिरस्‍कार −  नफरत

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पद्य (8th Standard)
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अध्याय 2.4: सौहार्द -सौमनस्‍य - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ ३५]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 2.4 सौहार्द -सौमनस्‍य
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q (२) ३. | पृष्ठ ३५

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एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो:

कवि की जिह्‌वा पर इसके गीत हों −


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है - ______


उत्‍तर लिखो :

काँटे बोने वाले 


उत्‍तर लिखो :

चुभने वाली 


चुप रहने के चार फायदे लिखो:

  1. ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______

कृति पूर्ण करो :


कृति पूर्ण करो :


उत्‍तर लिखो :

हम सब मिलकर करें 


कृति पूर्ण करो :

इन बातों में अलग होकर भी हम सब एक हैं -

  • ______
  • ______

कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

पुष्‍प


कृति करो :


संजाल पूर्ण करो :


उत्‍तर लिखो :

कविता में प्रयुक्‍त पात्र

  • ______
  • ______
  • ______

संजाल पूर्ण करो :


कृति करो :

 


अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !


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