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कृति पूर्ण करो : कवि मातृभूमि के प्रति अर्पित करना चाहता है

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प्रश्न

कृति पूर्ण करो :

सारिणी
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उत्तर

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पद्य (8th Standard)
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अध्याय 1.1: हे मातृभूमि ! - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ २]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.1 हे मातृभूमि !
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q (२) | पृष्ठ २

संबंधित प्रश्न

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

प्रतिदिन सुनने/सुनाने योग्‍य नाम - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

मातृभूमि के चरणों में इसे नवाना है - ______


उचित जोड़ियाँ मिलाओ :

अ उत्‍तर आ
१. मेट्रो ______ गाँव
२. पीपल ______ कस्‍बा
    शहर

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

बदले-से लगते हैं - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है - ______


उत्‍तर लिखो :

चुभने वाली 


चुप रहने के चार फायदे लिखो:

  1. ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______

कविता की अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

बात बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे।

ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।


कविता में आए इस अर्थ के शब्‍द लिखो :

  अर्थ शब्‍द
(१) मधु ______
(२) कड़वे ______
(३) विचार ______
(४) आवश्यकता ______

कृति पूर्ण करो :


प्रवाह तालिका पूर्ण करो:


कृति पूर्ण करो :


उत्‍तर लिखो :

मेधा की ऊँचाई नापेगा 


उत्‍तर लिखो :

हम सब मिलकर करें 


कृति करो :


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

पुष्‍प


कृति करो :

 


अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !


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